

Sachin Waze Antilia Bomb Scare Mansukh Hiren Case: महाराष्ट्र पुलिस से बर्खास्त अधिकारी सचिन वाजे ने एंटीलिया बम धमकी मामले और कारोबारी मनसुख हिरेन की हत्या के मामले में राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) की जांच को "अवैध" बताया और दावा किया कि जांच केंद्र सरकार की पूर्व मंजूरी के बिना शुरू की गई थी।
वाजे ने एनआईए की विशेष अदालत में दायर एक याचिका में मुकदमे की सुनवाई शुरू होने से पहले स्टेशन डायरी अदालत के रिकॉर्ड पर मंगाने का निर्देश देने का भी अनुरोध किया।
पूर्व पुलिसकर्मी ने अभियोजन पक्ष की गवाह सूची में विसंगतियों का भी दावा किया। वाजे ने कहा कि कुछ लोगों के नाम दर्ज और गैर-दर्ज बयानों की श्रेणियों में दोनों जगह शामिल हैं, जबकि कई अधिकारियों के नाम सूची में नहीं दिए गए हैं।
वाजे ने कहा कि कानून के तहत जरूरी केंद्र सरकार की पूर्व मंजूरी के बिना एनआईए ने मामले में "अनधिकृत और अवैध" जांच शुरू की।
पूर्व पुलिसकर्मी ने कहा कि 5 साल से अधिक समय बीत जाने के बावजूद कथित वास्तविक पीडितों में से कोई भी सामने नहीं आया है और ना ही यह कहा कि उन्हें कोई धमकी मिली थी या गुमनाम व धमकी भरे पत्र के साथ-साथ ऐसे मामूली विस्फोटक पदार्थ से वास्तव में डराया गया था, जो विस्फोट करने में सक्षम भी नहीं था।
वाजे की याचिका में बताया गया, यह उल्लेख करना भी महत्वपूर्ण है कि एनआईए के अनुसार और मामले में तय आरोपों के मुताबिक, पीड़ित मुकेश अंबानी और उनका परिवार है। जांच एजेंसी ने इस अदालत के समक्ष कहा है कि वह जरूरत पड़ने पर मुकेश अंबानी और नीता अंबानी के बयान दर्ज कराने का अधिकार सुरक्षित रखती है।