Sourav Biswas Arrest in Bomb Threat Case प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स AI)
Mumbai Metro Bomb Threat: मुंबई पुलिस ने देश के विभिन्न हिस्सों में बम विस्फोट की धमकियां देकर दहशत फैलाने वाले एक शातिर आरोपी को पश्चिम बंगाल के 24 परगना जिले से गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान 28 वर्षीय सौरव विश्वास के रूप में हुई है, जिसने पिछले पांच दिनों के भीतर मुंबई स्टॉक एक्सचेंज, मेट्रो स्टेशनों और स्कूलों समेत देश के 50 से अधिक महत्वपूर्ण स्थानों को उड़ाने की धमकी दी थी। सुरक्षा एजेंसियों के लिए सिरदर्द बने इस आरोपी को पकड़ने के लिए मुंबई पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण और ईमेल ट्रैकिंग का सहारा लिया, जिससे उसके स्थान की सटीक जानकारी मिल सकी।
पुलिस द्वारा की गई प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपी सौरव विश्वास ने 27 फरवरी 2026 की सुबह इंटरनेट के माध्यम से मुंबई के कई शैक्षणिक संस्थानों और सार्वजनिक परिवहन प्रणालियों को ईमेल भेजा था। इस ईमेल में दावा किया गया था कि अगले 48 घंटों के भीतर शहर के प्रमुख स्थानों पर सिलसिलेवार बम धमाके किए जाएंगे। इस सूचना के बाद मुंबई की सुरक्षा व्यवस्था को हाई अलर्ट पर रखा गया और दिंडोशी पुलिस स्टेशन में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। आरोपी का मुख्य उद्देश्य केवल अफरा-तफरी मचाना और सुरक्षा एजेंसियों को गुमराह करना था।
मुंबई पुलिस की विशेष टीम ने जब धमकी भरे ईमेल के आईपी एड्रेस और डिजिटल फुटप्रिंट्स की जांच की, तो कड़ियाँ पश्चिम बंगाल के न्यू बराकपुर इलाके से जुड़ीं। दिंडोशी पुलिस की एक टीम तुरंत कोलकाता के लिए रवाना हुई, जहां स्थानीय पुलिस की मदद से आरोपी के ठिकाने पर छापेमारी की गई। जांच के दौरान पता चला कि आरोपी सौरव विश्वास तकनीक का जानकार है और उसने अपनी पहचान छिपाने के लिए कई टूल्स का इस्तेमाल किया था, लेकिन अंततः पुलिस की साइबर विंग ने उसे ट्रैक कर लिया।
ये भी पढ़ें- राज्यसभा चुनाव में शिंदे करेंगे खेला! शिवसेना की तरफ से उतारेंगे 2 उम्मीदवार, MVA का होगा बंटाधार
जांच प्रक्रिया के दौरान यह चौंकाने वाला तथ्य भी सामने आया कि आरोपी सौरव विश्वास पहले से ही गुजरात पुलिस की रडार पर था। उसने 16 फरवरी 2026 को अहमदाबाद के विभिन्न स्थानों को भी इसी तरह के धमकी भरे ईमेल भेजे थे, जिसके बाद अहमदाबाद साइबर पुलिस ने उसके खिलाफ मामला दर्ज किया था। गुजरात पुलिस ने 1 मार्च 2026 को उसे हिरासत में लिया था, जिसके बाद मुंबई पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी कर उसे अपनी कस्टडी में ले लिया। फिलहाल आरोपी से सघन पूछताछ की जा रही है।
हालांकि अब तक की पूछताछ में आरोपी ने इन धमकियों को महज एक शरारत बताया है, लेकिन मुंबई पुलिस इस मामले को हल्के में नहीं ले रही है। पुलिस इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि क्या सौरव विश्वास किसी देश विरोधी नेटवर्क या स्लीपर सेल का हिस्सा तो नहीं है। उसके पास से जब्त किए गए मोबाइल फोन और लैपटॉप का फॉरेंसिक विश्लेषण किया जा रहा है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसने ये धमकियां किसी के उकसावे पर दी थीं या इसके पीछे कोई गहरी अंतरराष्ट्रीय साजिश छिपी है।