Mumbai Instagram Tantrik Fraud प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स AI)
Mumbai Cyber Fraud Sion: मुंबई के सायन इलाके से अंधविश्वास और तकनीक के मेल से जुड़ी एक सनसनीखेज साइबर ठगी का मामला सामने आया है। यहां एक 22 वर्षीय युवती को इंस्टाग्राम के जरिए ‘जिन्न’ और ‘तांत्रिक शक्तियों’ के मायाजाल में फंसाकर लगभग 15,93,980 रुपये की चपत लगाई गई। हैरानी की बात यह है कि यह ठगी कोई एक-दो दिन नहीं, बल्कि पिछले ढाई साल से लगातार जारी थी, जिसमें युवती डर और सुनहरे भविष्य के लालच में फंसती चली गई। मुंबई साइबर सेल ने अब इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर तकनीकी जांच शुरू कर दी है।
सायन पुलिस जांच के अनुसार, इस पूरे खेल की शुरुआत साल 2023 में एक इंस्टाग्राम पोस्ट से हुई थी, जिसका शीर्षक “पावरफुल ओबसेशन हीलर” था। इस पोस्ट में करियर, प्रेम और जीवन की तमाम समस्याओं को जादुई तरीके से हल करने का दावा किया गया था। जैसे ही पीड़िता ने उस लिंक पर क्लिक किया, उसकी बातचीत व्हाट्सएप पर वाहिद और साहिल नाम बताने वाले शख्स से शुरू हुई। आरोपी ने पहले भविष्य की गुलाबी तस्वीर दिखाकर युवती का भरोसा जीता और फिर धीरे-धीरे उसे तांत्रिक विधियों के नाम पर डराना शुरू कर दिया।
आरोपी ने युवती को विश्वास दिलाया कि उसके पास एक ‘जिन्न’ है जो उसकी हर इच्छा पूरी कर सकता है, लेकिन इसके लिए कुछ विशेष और महंगी तांत्रिक विधियां करानी होंगी। जब युवती ने पैसे देने में झिझक दिखाई, तो ठग ने उसे डराना शुरू कर दिया कि अगर विधि अधूरी रही तो ‘बुरी ताकतें’ उसे और उसके परिवार को भारी नुकसान पहुंचाएंगी। नकारात्मक ऊर्जा को हटाने और जिन्न को खुश रखने के नाम पर आरोपी ने युवती को मानसिक रूप से इतना लाचार कर दिया कि वह बिना सोचे-समझे पैसे ट्रांसफर करती रही।
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ठगी की शुरुआत महज 25 हजार रुपये की छोटी रकम से हुई थी, जो ढाई साल के भीतर बढ़कर करीब 16 लाख रुपये तक पहुंच गई। ठगों ने युवती से सुमरा मोहम्मद, मोसिन सलीम और गुलनाज जैसे विभिन्न बैंक खातों में पैसे मंगवाए। अपनी जमा पूंजी खत्म होने के बाद, युवती इस कदर दबाव में थी कि उसने अपने घर का कीमती सोना तक बेच दिया और वह पैसा भी जालसाजों के हवाले कर दिया। जब बार-बार पैसे देने के बाद भी स्थितियां नहीं बदलीं और मांगें बढ़ती ही गईं, तब जाकर युवती को ठगी का अहसास हुआ।
पीड़िता ने आखिरकार हिम्मत जुटाकर साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क किया, जिसके बाद मामला दर्ज किया गया। मुंबई साइबर सेल को अंदेशा है कि इस ठगी के पीछे कोई एक व्यक्ति नहीं, बल्कि एक संगठित गिरोह है जो सोशल मीडिया पर कमजोर मानसिक स्थिति वाले युवाओं को अपना शिकार बनाता है। पुलिस अब उन इंस्टाग्राम आईडी, मोबाइल नंबरों और बैंक खातों के आईपी एड्रेस खंगाल रही है जिनका इस्तेमाल इस अपराध में किया गया। अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर ‘जादुई समाधान’ देने वाले विज्ञापनों से सतर्क रहें।