

UBT Rebel MPs To Join Shiv Sena: महाराष्ट्र की राजनीति में आखिरकार वह बड़ा दिन आ गया है जिसका इंतजार 'ऑपरेशन टाइगर' के शुरू होने के बाद से किया जा रहा था। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) से पूरी तरह नाता तोड़कर एकनाथ शिंदे के साथ जाने का मन बना चुके बागी सांसदों का दलबदल आज (सोमवार, 22 जून 2026) आधिकारिक रूप से संपन्न होने जा रहा है।
संजय दीना पाटिल समेत सभी बागी सांसद आज दोपहर ठीक 3:00 बजे एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली असली 'शिवसेना' की सदस्यता ग्रहण करेंगे। इस बड़े राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन के लिए शिंदे गुट की ओर से व्यापक और विशेष इंतजाम किए गए हैं। इस ऐतिहासिक दलबदल से ठीक पहले, सुबह करीब 11:00 बजे इस पूरे घटनाक्रम से जुड़े आधिकारिक पत्र और दिल्ली के होटल की तस्वीरें भी मीडिया के लिए जारी की जाएंगी।
मुंबई में आज दिन भर चलने वाले इस सियासी ड्रामे और बागी सांसदों के स्वागत के लिए मिनट-टू-मिनट कार्यक्रम तय किया गया है, जो इस प्रकार है:
दोपहर 1:00 बजे: दिल्ली के पांच सितारा होटल से निकलकर सभी बागी सांसद चार्टर्ड प्लेन के जरिए मुंबई के कलिना (Kalina) एयरपोर्ट पर लैंड करेंगे।
दोपहर 2:00 बजे: एयरपोर्ट से सीधे उपमुख्यमंत्री आवास या निर्धारित स्थान पर पहुंचकर शिंदे गुट के शीर्ष रणनीतिकारों के साथ इन सांसदों की एक बंद कमरे में अहम बैठक होगी।
दोपहर 3:00 बजे: आधिकारिक प्रवेश समारोह आयोजित होगा, जहां उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे खुद सभी सांसदों को शिवसेना का भगवा झंडा सौंपकर पार्टी में शामिल करेंगे।
शाम 4:00 बजे: दलबदल के कानूनी पहलुओं और उद्धव ठाकरे का साथ छोड़ने के कारणों को स्पष्ट करने के लिए सभी सांसद एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करेंगे।
उद्धव ठाकरे के गढ़ में लगे इस दूसरे सबसे बड़े झटके को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर भी राजनीतिक प्रतिक्रियाएं आनी शुरू हो गई हैं। इंडिया (INDIA) गठबंधन के सहयोगी और बिहार के राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के कद्दावर राज्यसभा सांसद मनोज झा ने इस तोड़फोड़ पर बेहद कड़ा और आक्रामक रुख अपनाया है। मनोज झा ने महायुति की इस राजनीतिक इंजीनियरिंग पर तीखा प्रहार करते हुए कहा, "इन्हें केवल बागी कहना ठीक नहीं है, क्योंकि इन्होंने शिवसेना (UBT) के 'मशाल' चुनाव चिह्न पर चुनाव लड़ा और जनता से वोट मांगा था।"
झा ने आगे कहा, "जब भी शिवसेना (UBT), टीएमसी या देश की किसी भी क्षेत्रीय पार्टी में इस तरह की जबरन इंजीनियरिंग की जाती है, तो यह केवल उस विशिष्ट पार्टी का संकट नहीं होता, बल्कि यह हमारे पूरे लोकतंत्र का संकट है। यह सिर्फ उद्धव ठाकरे के साथ किया गया विश्वासघात नहीं है, बल्कि यह उन लाखों मतदाताओं के साथ सरेआम धोखा है जिन्होंने एक मजबूत विकल्प देखकर विपक्षी गठबंधन को अपना कीमती वोट दिया था। क्या यह उन मासूम मतदाताओं के साथ सीधा अन्याय नहीं है?" मनोज झा के इस बयान के बाद अब शाम 4:00 बजे होने वाली बागियों की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर सबकी नजरें टिक गई हैं।