अस्पताल का VIP ट्रीटमेंट खत्म, शिवसेना कॉर्पोरेटर रमेश म्हात्रे 13 जुलाई तक पुलिस कस्टडी में
Ramesh Mhatre Police Custody: डोंबिवली के शास्त्रीनगर अस्पताल में डॉक्टरों से मारपीट मामले में शिवसेना के कॉर्पोरेटर रमेश म्हात्रे को कल्याण कोर्ट ने 13 जुलाई तक पुलिस कस्टडी में भेजा।
- Written By: गोरक्ष पोफली
पुलिस हिरासत में रमेश म्हात्रे (सोर्स: सोशल मीडिया)
Shiv Sena Corporator Ramesh Mhatre Sent To Police Custody: महाराष्ट्र के कल्याण-डोंबिवली क्षेत्र में डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों के साथ हुई बदसलूकी के मामले में कानून का शिकंजा कसता जा रहा है। शास्त्रीनगर अस्पताल में डॉक्टरों और नर्सों के साथ सरेआम मारपीट करने के आरोपी शिवसेना शिंदे गुट के कॉर्पोरेटर रमेश म्हात्रे की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कल्याण कोर्ट ने आज एक बड़ा फैसला सुनाते हुए म्हात्रे को 13 जुलाई तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया है।
गिरफ्तारी के बाद सीने में दर्द और बेचैनी की शिकायत करने वाले रमेश म्हात्रे ठाणे के सिविल अस्पताल में भर्ती थे, जिसे विपक्ष ने जेल से बचने का वीआईपी ट्रीटमेंट करार दिया था। म्हात्रे के वकीलों ने अस्पताल में भर्ती होने का हवाला देते हुए कोर्ट से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेशी की अनुमति मांगी थी। हालांकि, कल्याण कोर्ट ने इस अर्जी को सिरे से खारिज कर दिया और स्पष्ट किया कि जब तक आरोपी खुद न्यायाधीश के सामने पेश नहीं होता, तब तक कस्टडी पर कोई फैसला नहीं लिया जाएगा। आज उन्हें अस्पताल से सीधे कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया।
क्या था पूरा मामला?
यह शर्मनाक घटना 6 जुलाई 2026 को शास्त्रीनगर सरकारी अस्पताल में घटी थी। एक गर्भवती महिला को इलाज के लिए वहां लाया गया था, लेकिन एनआईसीयू बेड उपलब्ध न होने के कारण डॉक्टरों ने उसे दूसरे अस्पताल ले जाने की सलाह दी। इसी बात पर भड़के परिजनों ने रमेश म्हात्रे को बुला लिया। आरोप है कि म्हात्रे ने अपने साथियों के साथ मिलकर डॉ. वैभव सालुंखे और एक महिला डॉक्टर के साथ हाथापाई की और गालियां दीं। इस घटना का सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद डॉक्टरों और मेडिकल एसोसिएशनों में भारी आक्रोश फैल गया था।
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#WATCH | Dombivli | Shiv Sena Corporator Ramesh Mhatre sent to Police custody till 13th July by Kalyan Court in connection with the case involving the assault on doctors and nurses at Dombivli’s Shastri Nagar Hospital. pic.twitter.com/QOaLpqH12w — ANI (@ANI) July 10, 2026
बचाव में म्हात्रे की दलील
कार्रवाई के बावजूद रमेश म्हात्रे ने अपने कृत्य के लिए माफी मांगने से इनकार कर दिया। उन्होंने मीडिया से बातचीत में दावा किया कि उन्होंने मारपीट नहीं की, बल्कि डॉक्टर उनकी बात नहीं सुन रही थीं, इसलिए उनका ध्यान खींचने के लिए उन्होंने सिर्फ उनके मोबाइल फोन पर थप्पड़ मारा था। उन्होंने तर्क दिया कि वे केवल महिला और नवजात शिशु की जान बचाने की कोशिश कर रहे थे।
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राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रिया
इस घटना की चौतरफा निंदा हुई है। खुद सत्ताधारी दल के नेता और सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे ने इस कृत्य से पल्ला झाड़ते हुए इसकी आलोचना की है। सामाजिक न्याय मंत्री संजय शिरसाट ने भी कड़े शब्दों में कहा कि चाहे डॉक्टर पुरुष हो या महिला, किसी के साथ मारपीट करना बहादुरी का काम नहीं है और पार्टी ऐसे कृत्यों का बचाव नहीं करेगी।
अब जबकि रमेश म्हात्रे 13 जुलाई तक पुलिस की गिरफ्त में हैं, पुलिस सीसीटीवी फुटेज और चश्मदीदों के बयानों के आधार पर मामले की गहराई से जांच करेगी। शहर के डॉक्टरों ने इस न्यायिक फैसले का स्वागत किया है और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त सजा की मांग की है।
