जेबकतरों को भी पकड़ने का काम CID करेगी? अजित पवार की मौत की जांच आगे न बढ़ने पर सदन में भड़के रोहित पवार

Rohit Pawar On Ajit Pawar Death Investigation: विधानसभा में अजित पवार के हादसे की जांच को लेकर रोहित पवार का फूटा गुस्सा। सीआईडी की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल, जांच में देरी पर सरकार को घेरा।
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विधानसभा में बोलते हुए रोहित पवार (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Rohit Pawar Slams Govt Over Ajit Pawar Accident Investigation: महाराष्ट्र की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर अब एक बेहद संवेदनशील और भावनात्मक मोड़ पर पहुंच गया है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के नेता रोहित पवार ने विधानसभा में अजित पवार की दुर्घटना और उनकी दुखद मृत्यु की जांच को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला है।

रोहित पवार का गुस्सा उस समय फूट पड़ा जब उन्होंने जांच एजेंसियों की ढुलमुल कार्यप्रणाली और सरकार की वादाखिलाफी पर सवाल उठाए। उन्होंने तंज कसते हुए यहां तक कह दिया कि जिस तरह से गंभीर मामलों को ठंडे बस्ते में डाला जा रहा है, उसे देखकर लगता है कि भविष्य में जेबकतरों को भी पकड़ने का काम अब सीआईडी ही करेगी।

सीआईडी की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल

रोहित पवार ने सदन में अपनी बात रखते हुए कहा कि अजित पवार जैसे प्रभावशाली नेता की मौत की जांच सीआईडी को सौंपी गई थी, लेकिन यह एजेंसी अन्य छोटे-मोटे अपराधों जैसे अवैध शराब की बिक्री और चटर-बटर टोली को पकड़ने में व्यस्त है। उन्होंने कटाक्ष किया कि उम्मीद है कि कल अगर किसी की जेब कट जाए, तो वह मामला भी सीआईडी को ही दिया जाएगा ताकि उसे कपाट में बंद करके रखा जा सके। रोहित ने आरोप लगाया कि जब वे सीआईडी अधिकारियों से मिलने गए, तो उन्हें उचित रिस्पॉन्स नहीं मिला और अधिकारियों का रवैया ऐसा था जैसे वे ट्रम्प हों।

सरकार की वादाखिलाफी और सीबीआई जांच में देरी

रोहित पवार ने मुख्यमंत्री के पुराने बयानों को याद दिलाते हुए कहा कि सरकार ने वादा किया था कि जांच सीबीआई को सौंपी जाएगी, लेकिन आज तक मामला ट्रांसफर नहीं हुआ है। उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का जिक्र करते हुए कहा कि सीएम ने सदन में दावा किया था कि आकाश-पाताल एक कर देंगे और अपराधी चाहे किसी का भी बाप हो, उसे खोज निकालेंगे, लेकिन दो-ढाई महीने बीत जाने के बाद भी कोई प्रगति नहीं हुई। रोहित पवार ने सवाल किया कि क्या दिल्ली में गृह मंत्री अमित शाह से इस विषय पर कोई चर्चा हुई?

न्यायिक जांच की मांग

जांच एजेंसियों पर अविश्वास जताते हुए रोहित पवार ने अब इस मामले में जुडिशियल इंक्वायरी की मांग की है। उनका मानना है कि किसी पूर्व जज की अध्यक्षता में होने वाली जांच ही इस मामले में न्याय दिला सकती है। उन्होंने बताया कि उन्होंने कर्नाटक में जाकर जीरो एफआईआर कराई और सारे सबूत जुटाए, लेकिन प्रशासन इसे गंभीरता से नहीं ले रहा है।

राजनीतिक मित्रता पर भावुक टिप्पणी

रोहित पवार ने दुख व्यक्त करते हुए उन नेताओं पर भी निशाना साधा जो अजित पवार के जीवित रहते उन्हें अपना दोस्त बताते थे। उन्होंने कहा, दादा के रहते कई विधायक कहते थे कि उनके लिए जान दे देंगे, लेकिन आज उनके जाने के बाद न्याय के लिए कोई नहीं बोल रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे भले ही सत्ता में नहीं हैं, लेकिन दादा के करोड़ों कार्यकर्ताओं और उनके प्रति अपनी निष्ठा के कारण यह लड़ाई अंतिम समय तक लड़ते रहेंगे।

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