मंगल प्रभात लोढ़ा के प्रयासों से OC अभय योजना पास, अब मुंबई की हजारों इमारतों को मिलेगा ऑक्युपेंसी सर्टिफिकेट
Occupancy Certificate Scheme: मुंबई में OC अभय योजना को मंजूरी मिलने से 18-19 हजार पात्र इमारतों को ऑक्युपेंसी सर्टिफिकेट मिलने का रास्ता साफ हुआ। हजारों घर खरीदारों को बड़ी राहत मिलेगी।
- Written By: आलोक उमाकृष्ण
मुंबई OC अभय योजना पास (फोटो नवभारत)
BMC Occupancy Certificate Scheme: बृहन्मुंबई मनपा की स्थायी समिति द्वारा ऑक्युपेंसी सर्टिफिकेट (OC) अभय योजना को मंजूरी दिए जाने से मुंबई में ओसी से वंचित हजारों पात्र इमारतों को बड़ी राहत मिलने का रास्ता साफ हो गया है। इस निर्णय से मुंबई की लगभग 18 से 19 हजार पात्र इमारतों को लाभ मिलने की संभावना है।
विभिन्न तकनीकी त्रुटियों, निर्माण संबंधी अनियमितताओं तथा लंबित प्रशासनिक प्रक्रियाओं के कारण अनेक इमारतों को अंतिम ऑक्युपेंसी सर्टिफिकेट प्राप्त नहीं हो सका था। इसके कारण ताड़देव स्थित विलिंग्डन हाइट्स के निवासियों पर भी बेघर होने की नौबत आ गई थी। कैबिनेट मंत्री एवं स्थानीय विधायक मंगल प्रभात लोढ़ा ने इस समस्या में तत्काल हस्तक्षेप किया।
उनका स्पष्ट मत था कि इमारत निर्माण के दौरान हुई लापरवाही तथा उत्पन्न हुई त्रुटियों का खामियाजा निर्दोष निवासियों को नहीं मिलनी चाहिए। इसी उद्देश्य से उन्होंने विलिंग्डन हाइट्स के निवासियों के साथ मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से भेंट कर संपूर्ण वस्तुस्थिति से अवगत कराते हुए समस्या का स्थायी एवं नीतिगत समाधान निकालने का आग्रह किया।
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इस विषय की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने संबंधित तंत्र को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके पश्चात राज्य शासन ने पात्र इमारतों को राहत प्रदान करने के उद्देश्य से ऑक्युपेंसी सर्टिफिकेट अभय योजना प्रारंभ की। अब इस योजना को बृहन्मुंबई महानगरपालिका की स्थायी समिति की मंजूरी मिलने से इसके प्रभावी क्रियान्वयन का मार्ग और अधिक सुगम हो गया है।
रहिवासियों ने किया स्वागत
शुक्रवार को विलिंग्डन हाइट्स के निवासियों ने मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा से भेंट कर उनके सतत प्रयासों के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि कई वर्षों से लंबित इस समस्या के समाधान के लिए उनके निरंतर प्रयासों के कारण केवल उनकी सोसायटी ही नहीं, बल्कि मुंबई की हजारों पात्र इमारतों के निवासियों को भी बड़ी राहत मिलने जा रही है।
इस अवसर पर मंगल प्रभात लोढ़ा ने कहा कि सामान्य नागरिकों ने जीवनभर की अपनी कमाई खर्च कर अपना घर खरीदा है। जबकि निवासियों की कोई गलती नहीं होने के बावजूद उन्हें अनावश्यक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। मुंबई के अनेक क्षेत्रों में ऐसी ही स्थिति होने के कारण इस पर तत्काल समाधान आवश्यक था। किसी के साथ भी अन्याय न हो, इस उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया।
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विलिंग्डन हाइट्स के निवासियों पर मंडरा रहा था संकट
ताड़देव स्थित विलिंग्डन हाइट्स इमारत को ऑक्युपेंसी सर्टिफिकेट प्राप्त नहीं होने के कारण वहां के निवासियों पर गंभीर संकट उत्पन्न हो गया था। बिल्डर द्वारा किए गए कथित नियम उल्लंघन के कारण न्यायालयीन प्रक्रिया प्रारंभ हुई और इमारत में रहने वाले अनेक परिवारों को अपने घर खाली करने के आदेश प्राप्त हुए।
बिल्डर की गलती की सजा निर्दोष घर खरीदारों को मिलने से निवासियों में भय और असुरक्षा का वातावरण उत्पन्न हो गया था। इस विषय में पूर्व सांसद गोपाल शेट्टी ने भी सहयोग किया। इसके पश्चात राज्य शासन ने ऑक्युपेंसी सर्टिफिकेट अभय योजना प्रारंभ की। अब स्थायी समिति की मंजूरी के बाद मुंबई की लगभग 18 से 19 हजार पात्र इमारतों को राहत मिलने का मार्ग प्रशस्त हो गया है।
