एकनाथ शिंदे (pic credit; social media)
Maharashtra News: मीरा-भाईंदर की राजनीति में शुक्रवार को बड़ा मोड़ देखने को मिला। परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने भाजपा के मजबूत गढ़ माने जाने वाले भाईंदर पश्चिम के बावन जिनालय मंदिर के सामने शिवसेना (शिंदे गुट) का मध्यवर्ती शाखा कार्यालय उद्घाटित किया। इस कदम को आगामी मीरा-भाईंदर मनपा चुनाव से पहले भाजपा को सीधी चुनौती के रूप में देखा जा रहा है।
भाईंदर पश्चिम का इलाका लंबे समय से भाजपा का गढ़ माना जाता है, जहां विधायक नरेंद्र मेहता की पकड़ बेहद मजबूत है। यहां जैन, गुजराती और मारवाड़ी समाज की बहुलता है, जो भाजपा का पारंपरिक वोट बैंक समझा जाता है। ऐसे में सरनाईक का यह कदम सीधे तौर पर मेहता को चुनौती देने वाला माना जा रहा है।
राजनीति के जानकार बताते हैं कि राज्य की सत्ता में एक साथ होने के बावजूद भाजपा और शिवसेना (शिंदे गुट) के नेताओं के बीच खटास कई बार सामने आ चुकी है। सरनाईक और मेहता के बीच आरोप-प्रत्यारोप और व्यंग्यात्मक टिप्पणियां होती रही हैं। वहीं, कभी दोनों को एक मंच पर साथ भी देखा गया है। लेकिन इस बार का कदम साफ इशारा करता है कि मनपा चुनाव में भाजपा और शिवसेना के बीच वर्चस्व की सीधी लड़ाई देखने को मिलेगी।
उद्घाटन समारोह में मंत्री सरनाईक के साथ पालघर के विधायक राजेंद्र गावित, विधानसभा प्रमुख विक्रम प्रताप सिंह, जिलाप्रमुख राजू भोईर और सामाजिक कार्यकर्ता शंकर झा समेत बड़ी संख्या में शिवसैनिक मौजूद रहे। इस मौके पर सरनाईक ने कहा, “यह कार्यालय केवल शाखा नहीं, बल्कि जनता का घर होगा। यहां हर नागरिक की आवाज सुनी जाएगी और समस्याओं का समाधान किया जाएगा।” उन्होंने दावा किया कि जिस तरह 146 विधानसभा क्षेत्रों में जनता की समस्याओं का समाधान किया गया, उसी तरह यह कार्यालय भी 145 क्षेत्र में जनता की समस्याओं का केंद्र बनेगा।
स्थानीय राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा के गढ़ में शिंदे गुट का यह कदम चुनावी रणनीति का हिस्सा है और इसे सीधे मनपा चुनाव की तैयारी से जोड़कर देखा जा रहा है। इससे दोनों दलों के बीच सियासी खटास और गहरी हो सकती है।