संजय राउत (सोशल मीडिया)
Sanjay Raut Attack On Maharashtra Government: शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने एकनाथ शिंदे और देवेंद्र फडणवीस सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि मुंबई समेत पूरे महाराष्ट्र में खेल के मैदानों की 30 से 40 प्रतिशत जगह बिल्डरों को देने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन जमीनों पर होटल, क्लब और मॉल्स बनाकर हजारों करोड़ रुपये जुटाए जाएंगे, जिनका उपयोग विधायकों और सांसदों को खरीदने के लिए किया जाएगा। राउत ने सवाल किया, क्या अब बच्चों के खेलने के मैदान खाने की नौबत आ गई है? फडणवीस जी, आप क्या कर रहे हैं?
राउत ने सरकार से सीधा सवाल पूछा कि क्या वे राज ठाकरे के घर के सामने, बालासाहेब ठाकरे और वीर सावरकर के स्मारकों के पास भी होटल बनाएंगे? उन्होंने मुख्यमंत्री से पूछा, क्या आप ठाणे के अपने करीबियों को शिवतीर्थ और आजाद मैदान की 30 प्रतिशत जमीन होटल बनाने के लिए देंगे? उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने इस पर अपनी भूमिका स्पष्ट नहीं की, तो अभिभावकों और बच्चों को मैदान बचाने के लिए सड़कों पर उतरना होगा।
विदर्भ के एटापल्ली तहसील का जिक्र करते हुए संजय राउत ने कहा कि वहां खनन उद्योग ने भारी तबाही मचाई है। उन्होंने बताया कि खनिजों के कारण जल स्रोत और तालाब जहरीले हो गए हैं, जिससे लोगों के पास पीने का पानी नहीं बचा है। हाल ही में कीचड़ में फंसकर 7 गायों की मौत हो गई। राउत के अनुसार, स्थानीय लोगों का कहना है कि खनन कंपनियां बीजेपी की पार्टनर की तरह व्यवहार कर रही हैं और प्रशासन उनके खिलाफ कोई शिकायत नहीं सुन रहा है। उन्होंने मांग की कि इन कंपनियों की अनुमति तुरंत रद्द की जाए।
राउत ने तंज कसते हुए पूछा कि क्या सरकार ने नक्सलवाद इसलिए खत्म किया है ताकि खनन माफिया को खुली छूट मिल सके? उन्होंने कहा कि नक्सली उन उद्योगों का विरोध करते थे जो जनता को परेशान करते थे। यदि देवेंद्र फडणवीस को वास्तव में किसानों की चिंता है, तो उन्हें पानी और जमीन बर्बाद करने वाले उद्योगों को बंद करना चाहिए। उन्होंने सरकार को नसीहत दी कि जनता को बचाएं, उद्योगों से चंदा न लें।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और देवेंद्र फडणवीस के बयानों में विरोधाभास बताते हुए राउत ने कहा कि जहां पीएम मोदी कहते हैं कि खाड़ी युद्ध का भारत पर असर नहीं होगा, वहीं फडणवीस डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर स्मारक के काम में देरी के लिए 35 दिन पहले शुरू हुए खाड़ी युद्ध को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। राउत ने कहा कि फडणवीस ऐसा करके प्रधानमंत्री का अपमान कर रहे हैं और स्मारक के काम में अपनी विफलता छुपा रहे हैं।