150 करोड़ की हॉर्स ट्रेडिंग के आरोपों पर गरमाई महाराष्ट्र की राजनीति, बीजेपी ने संजय राउत से मांगा सबूत
Sanjay Raut Alleges Horse Trading MLC Election Maharashtra 2026: संजय राउत ने महायुति पर एमएलसी चुनाव में 150 करोड़ की हॉर्स ट्रेडिंग का लगाया आरोप। बीजेपी ने कहा- सबूत पेश करें।
- Written By: अनिल सिंह
संजय राउत ने महायुति पर हॉर्स ट्रेडिंग का लगाया आरोप (फोटो क्रेडिट-X)
Sanjay Raut Horse Trading Allegations: महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव 2026 के नामांकन वापसी के अंतिम दिन के बाद से ही राज्य की राजनीतिक सरगर्मी चरम पर है। कई सीटों पर उम्मीदवारों के निर्विरोध चुने जाने और कई जगह बागियों के मैदान में डटे रहने के बाद अब इस पूरे चुनावी घटनाक्रम पर संजय राउत की विस्तृत और आक्रामक प्रतिक्रिया सामने आई है। मुंबई में मीडिया से बात करते हुए संजय राउत ने सत्ताधारी गठबंधन के काम करने के तरीके पर तीखे सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र की महान राजनीतिक संस्कृति को पैसे और सत्ता के अहंकार से दूषित करने का प्रयास किया जा रहा है।
संजय राउत ने दावा किया कि पुणे और कोंकण जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में, जहां महायुति के उम्मीदवारों के सामने बड़ी चुनौतियां थीं, वहां पर्दे के पीछे से भारी धनबल का खेल खेला गया।
वि.परिषद निवडणूक:
काल दिवसभर बिनविरोधची धडपड आणि त्यासाठीचे माघार नाट्य यावर एका दिवसात किमान १५० कोटी रुपये खर्च झाले!
विरोधी पक्षाचे घोडे स्वतःच बाजारात आपला भाव ठरवून आले महाराष्ट्रात यासाठी प्रचंड पैसा आहे,
कोकण
छ.संभाजी नगर
पुणे येथे झालेले व्यवहार लोकशाहीला घातक आहेत pic.twitter.com/G67c6TLnG8 — Sanjay Raut (@rautsanjay61) June 5, 2026
सम्बंधित ख़बरें
दिल्ली में प्रदर्शन से पहले कॉकराेच जनता पार्टी चीफ अभिजीत दीपके के परिवार ने छोड़ा घर, मिल रही थी धमकियां
नासिक के रामकुंड में महिला श्रद्धालुओं की सुविधा बदहाल, टूटी छत और गंदगी पर मनपा घिरी
भंडारा-गोंदिया विधान परिषद चुनाव में बड़ा उलटफेर, अब अविनाश ब्राह्मणकर और नरेश ईश्वरकर की सीधी टक्कर
नासिक: सड़क निर्माण से बदलेगा संत निवृत्तिनाथ पालकी मार्ग? सवा लाख वारकरियों की सुरक्षा पर मंथन
एक ही दिन में करोड़ों रुपये का हुआ संदिग्ध लेन-देन
संजय राउत ने विस्तार से आरोप लगाते हुए कहा कि लोकतंत्र की धज्जियां उड़ाकर निर्विरोध जीत हासिल करने का यह जो नया तरीका सत्ता पक्ष ने खोजा है, उसके पीछे 150 करोड़ रुपये का एक बड़ा वित्तीय सिंडिकेट काम कर रहा है। उन्होंने दावा किया कि विरोधियों और निर्दलीय उम्मीदवारों को नाम वापस लेने के लिए मजबूर करने के एवज में एक ही दिन के भीतर करोड़ों रुपये पानी की तरह बहाए गए। राउत के अनुसार, यह कोई सामान्य राजनीतिक कूटनीति नहीं है बल्कि यह खुलेआम किया गया ‘हॉर्स ट्रेडिंग‘ है, जिसने आगामी विधानसभा चुनावों से पहले एक बेहद खतरनाक ट्रेंड सेट कर दिया है।
ये भी पढ़ें- ‘रूपाली चाकणकर को सजा बाकियों मजा’, अशोक खरात मामले में रोहित पवार का सुनील तटकरे पर तीखा कटाक्ष
पुणे, कोंकण और संभाजीनगर में भय और पैसे की राजनीति
राउत ने अपने दावों के मुख्य बिंदुओं में पुणे, कोंकण और छत्रपति संभाजीनगर जैसी रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सीटों का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि इन जिलों में केवल पैसे का लालच ही नहीं दिया गया, बल्कि जो उम्मीदवार आसानी से झुकने को तैयार नहीं थे, उन्हें विभिन्न सरकारी और प्रशासनिक स्तरों से डराया-धमकाया भी गया। उन्होंने दुख जताते हुए कहा कि यदि जनप्रतिनिधियों को चुनने की प्रक्रिया में इस तरह से खुलेआम बाहुबल और धनबल का प्रयोग होगा, तो आम जनता का चुनाव प्रणाली से विश्वास पूरी तरह उठ जाएगा।
‘राउत झूठे हैं, दम है तो सबूत दिखाएं’, बीजेपी का पलटवार
संजय राउत के इन विस्फोटक आरोपों पर महायुति और विशेषकर भारतीय जनता पार्टी ने बेहद आक्रामक रुख अख्तियार कर लिया है। महाराष्ट्र बीजेपी के मुख्य प्रवक्ता ने राउत के सभी दावों का सिरे से खंडन करते हुए उन्हें ‘आदतन झूठा’ करार दिया है। बीजेपी प्रवक्ता ने दोटूक शब्दों में कहा कि संजय राउत अपनी पार्टी की आसन्न हार और संगठन की कमजोरी को छिपाने के लिए हर चुनाव से पहले इसी तरह की बेबुनियाद और काल्पनिक कहानियां गढ़ते हैं। भाजपा ने राउत को चुनौती दी है कि यदि उनके आरोपों में रत्ती भर भी सच्चाई है, तो वे मीडिया के सामने केवल हवा में बातें करने के बजाय सार्वजनिक रूप से ठोस सबूत पेश करें, अन्यथा महाराष्ट्र की जनता के सामने माफी मांगें।
