‘मैं टिकट मांगने मातोश्री नहीं गया था, मुझे खुद बुलाया गया’, शिंदे गुट में शामिल होते ही बरसे संजय दीना पाटिल
Sanjay Dina Patil Statement: शिंदे गुट में शामिल होते ही संजय दीना पाटिल ने उद्धव ठाकरे पर साधा निशाना। कहा, उद्धव को मजबूत लोग नहीं, सिर्फ गुलाम पसंद हैं; मैं खुद टिकट मांगने मातोश्री नहीं गया था।
- Written By: गोरक्ष पोफली
संजय दीना पाटिल का बयान (सोर्स: सोशल मीडिया)
Sanjay Dina Patil Attacks Uddhav Thackeray: शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे (यूबीटी) के छह सांसदों के साथ शिवसेना (शिंदे गुट) में शामिल होने के बाद सांसद संजय दीना पाटिल ने सोमवार को बड़ा दावा किया है। पाला बदलते ही उद्धव ठाकरे पर बरसते हुए पाटिल ने कहा कि वे खुद कभी टिकट मांगने नहीं गए थे, बल्कि उन्हें ‘मातोश्री’ ने ही बुलाया था। उन्होंने ठाकरे गुट के एक शीर्ष नेता पर प्रताड़ित करने और मंच से गाली-गलौज करने का गंभीर आरोप लगाया है।
टिकट के विवाद पर स्थिति साफ करते हुए पाटिल ने कहा कि उन्होंने अपने या अपनी बेटी के लिए कभी टिकट नहीं मांगा था। वह सीट मनसे को जा रही थी, लेकिन उनके कंधे पर बंदूक रखकर उसे जबरदस्ती लिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित नेता ने उनकी बेटी को मंच से उतारकर और कार्यकर्ताओं को तुच्छ समझकर उनका बार-बार अपमान किया। पाटिल ने स्पष्ट किया कि उनके परिवार में सभी को अपनी मर्जी से राजनीतिक फैसले लेने की पूरी आजादी है।
उद्धव को गुलाम पसंद हैं
संजय दीना पाटिल ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि उद्धव ठाकरे को अपने आस-पास मजबूत लोग नहीं, बल्कि सिर्फ गुलाम पसंद हैं। उन्होंने कहा कि उद्धव ठाकरे, आदित्य ठाकरे और संजय राउत ने हमेशा उनका सम्मान किया, लेकिन पार्टी में मौजूद एक गलत व्यक्ति की वजह से उन्हें यह बड़ा फैसला लेना पड़ा। वह नेता सामने मीठा बोलता था और पीठ पीछे गालियां देता था। पाटिल ने आरोप लगाया कि इस बर्ताव के कारण उन्हें क्षेत्र में काम करने और विकास फंड का इस्तेमाल करने से भी रोका गया।
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सांसद संजय दीना पाटिल ने पाला बदलने के बाद उद्धव ठाकरे के नेतृत्व पर तीखा हमला बोलते हुए कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे कभी ‘मातोश्री’ टिकट मांगने नहीं गए थे, बल्कि उन्हें खुद बुलाया गया था। पाटिल ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उद्धव ठाकरे को अपने आसपास मजबूत नेतृत्व वाले लोग नहीं, बल्कि केवल ‘गुलाम’ पसंद हैं।
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एक गलत व्यक्ति के कारण यह फैसला लेना पड़ा
उन्होंने पार्टी के एक शीर्ष नेता पर प्रताड़ित करने और सार्वजनिक मंच से उनकी बेटी का अपमान करने का आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी में मौजूद एक गलत व्यक्ति के कारण उन्हें यह बड़ा फैसला लेना पड़ा। पाटिल के अनुसार, संबंधित नेता सामने तो मीठा बोलता था लेकिन पीठ पीछे गाली-गलौज करता था और उन्हें अपने क्षेत्र में विकास निधि का इस्तेमाल करने से भी रोका जाता था। अब राजनीतिक हल्कों में यह माना जा रहा है कि जिस नेता के बारे में संजय पाटिल ने बोला, वह कोई और नहीं बल्कि संजय राउत ही हैं।
