

एंटीलिया बम कांड में पूर्व पुलिस अधिकारी सचिन वाझे को बॉम्बे हाईकोर्ट से बड़ा झटका।
विशेष एनआईए अदालत द्वारा दी गई सचिन वाझे की जमानत याचिका रद्द।
स्टे बरकरार रहने के कारण अब वाझे को ठाणे सेंट्रल जेल में ही रहना होगा।
सबूतों से छेड़छाड़ की आशंका और अपराध की गंभीरता को देखते हुए याचिका खारिज की।
Antilia Bomb Case Sachin Waze Bail Cancelled: बॉम्बे हाई कोर्ट ने 2021 के एंटीलिया बम कांड और कारोबारी मनसुख हिरेन की हत्या मामले में जेल में बंद पूर्व पुलिस अधिकारी सचिन वाझे की जमानत रद्द कर दी है। जस्टिस गिरीश कुलकर्णी और जस्टिस नीला गोखले की बेंच ने गुरुवार को यह फैसला सुनाया। 29 सितंबर को मुंबई की एक विशेष एनआईए अदालत ने इस मामले में वाझे को जमानत दे दी थी। उसके अगले ही दिन एनआईए ने इस फैसले को बॉम्बे हाई कोर्ट में चुनौती दी। जिसके बाद वाझे की जमानत पर स्टे लगाया गया।
अब दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद बॉम्बे हाईकोर्ट ने सचिन वाझे की जमानत याचिका रद्द करने का फैसला लिया गया है। इसका मतलब यह है कि अब दिवाली त्यौहार के दौरान भी वाझे ठाणे सेंट्रल जेल में ही बंद रहेंगे।
एनआईए के वकील ने कोर्ट में दावा किया कि सचिन वाझे ने रिलायंस उद्योग के चेयरमैन मुकेश अंबानी के घर के बाहर विस्फोटक से भरी गाडी जबरन वसूली के मकसद से खड़ी की थी।
सचिन वाझे की प्लानिंग थी कि वह खुद इस गुत्थी को सुलझा कर अपने आप को सुपरकॉप के रूप में पेश करें। लेकिन जब गाड़ी के मालिक मनसुख हिरेन ने इस मामले से पल्ला झाड़ लिया तो उसकी हत्या कर दी गई। एनआईए ने कहा कि वाझे को जमानत पर छोड़ने से वह सबूतों के साथ छेड़छाड़ कर सकता है।
बॉम्बे हाईकोर्ट में सचिन वाझे ओर से सीनियर एडवोकेट वीएम थोराट ने कहा कि अगर एनआईए की दलील को सच मान भी लिया जाए, तो भी डर का माहौल बनाना और अपने आप को सुपरकॉप के रूप में पेश करने का मकसद यूएपीए की धारा 15 के तहत आतंकवाद की कैटगरी में नहीं आता है।
थोराट ने यह भी कहा कि वाझे पिछले पांच साल से जेल में बंद है। जबकि सह-आरोपियों को जमानत मिल गई है। इस आधार पर उसे भी जमानत मिलनी चाहिए। हालांकि दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद, हाई कोर्ट ने वाझे की जमानत याचिका खारिज कर दी।