भोंदूबाबा अशोक खरात विवाद में कूदीं रुपाली चाकणकर, आशा मिरगे पर किया क्रिमिनल केस; 2 जुलाई को कोर्ट में पेशी
Rupali Chakankar vs Asha Mirge: रुपाली चाकणकर और आशा मिरगे का विवाद अब कानूनी मोड़ ले चुका है। अशोक खरात से जुड़े आरोपों पर चाकणकर ने मिरगे के खिलाफ क्रिमिनल केस दर्ज कराया है।
- Written By: गोरक्ष पोफली
रुपाली चाकणकर और आशा मिरगे (सोर्स: सोशल मीडिया)
Rupali Chakankar Files Criminal Case Against Asha Mirge: महाराष्ट्र की राजनीति और महिला अधिकारों के क्षेत्र में सक्रिय दो प्रमुख हस्तियों, एनसीपी अजित पवार गुट की नेता रुपाली चाकणकर और आशा मिरगे के बीच चल रहा विवाद अब कानूनी मोड़ ले चुका है। यह पूरा मामला नासिक के भोंदूबाबा अशोक खरात से जुड़ा हुआ है। कुछ समय पहले ही आशा मिरगे ने रुपाली चाकणकर पर आरोप लबाते हुए अशोक खरात और चाकणकर के संबंध में कई स्टेटमेंट दिये थे। जिसपर अब चाकणकर ने क्रिमिकनल केस कर दिया हैं।
विवाद की पृष्ठभूमि और आशा मिरगे के आरोप
महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग की पूर्व अध्यक्षा आशा मिरगे ने रुपाली चाकणकर पर अत्यंत गंभीर और व्यक्तिगत आरोप लगाए थे। मिरगे का दावा था कि रुपाली चाकणकर कई महिलाओं को अशोक खरात के पास ले जाती थीं। उनका खरात के साथ आर्थिक लेन-देन और जमीन की पार्टनरशिप में संबंध है।
महिला आयोग की अध्यक्ष रहते हुए उन्होंने महिलाओं की समस्याओं के बजाय मंत्रियों और अधिकारियों के साथ मेल-जोल को प्राथमिकता दी। आशा मिरगे ने चाकणकर के ड्रेसिंग सेंस और मेकअप पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि उनके ग्लैमर की वजह से अन्य महिलाओं को कॉम्प्लेक्स होता था।
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रुपाली चाकणकर का पलटवार
रुपाली चाकणकर ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर इन सभी आरोपों का कड़ा जवाब दिया है। चाकणकर ने स्पष्ट किया कि अशोक खरात के किसी भी आर्थिक व्यवहार या जमीन की पार्टनरशिप से उनका दूर-दूर तक कोई संबंध नहीं है।
उन्होंने यह भी नकारा कि वे कभी किसी महिला को अशोक खरात के पास लेकर गई थीं। चाकणकर ने आरोप लगाया कि उन्हें बदनाम करने के लिए AI का उपयोग करके फर्जी और अश्लील वीडियो बनाए गए। उन्होंने कहा कि उनके परिवार ने खरात को केवल एक आध्यात्मिक गुरु माना था और पाद्यपूजा का जो वीडियो दिखाया जा रहा है, वह काफी पुराना है, उस समय वे किसी पद पर नहीं थीं।
लढा स्त्रीत्वाचा…!
स्त्री सन्मानासाठी…! विकृत मनोवृत्तीच्या विरोधातील कायदेशीर लढाई…….!! pic.twitter.com/QWNnpJNyUY — Rupali Chakankar (@ChakankarSpeaks) June 10, 2026
जांच में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए चाकणकर ने महिला आयोग के अध्यक्ष पद और पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने आशा मिरगे को कुल तीन बार नोटिस भेजे, लेकिन मिरगे ने उन्हें स्वीकार नहीं किया और वे अनक्लेम्ड होकर वापस आ गए। इसके बाद उन्होंने माझगांव कोर्ट में फौजदारी शिकायत दर्ज कराई।
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कोर्ट का आदेश और भावी कदम
न्यायालय ने इस मामले का संज्ञान लेते हुए आशा मिरगे को 2 जुलाई 2026 को सुबह 11 बजे कोर्ट में उपस्थित रहने का आदेश दिया है। चाकणकर ने कहा कि वे खुद भी उस दिन कोर्ट में मौजूद रहेंगी।
इसके अलावा, रुपाली चाकणकर ने उन अन्य महिलाओं को भी दिल्ली हाई कोर्ट के माध्यम से नोटिस भेजे हैं, जिन्होंने बिना किसी सबूत के उन पर बेतुके आरोप लगाए थे।
रुपाली चाकणकर की स्त्रीत्व के सम्मान की लड़ाई
रुपाली चाकणकर ने इस लड़ाई को स्त्रीत्व के सम्मान की लड़ाई करार दिया है। उन्होंने कहा कि यह महाराष्ट्र छत्रपति शिवाजी महाराज, जिजाऊ और सावित्रीबाई फुले के विचारों का है, जहाँ एक महिला के चरित्र पर कीचड़ उछालना विकृत मानसिकता का प्रतीक है। वे इस विकृति के खिलाफ अपनी कानूनी लड़ाई को अंतिम अंजाम तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
