RSS program Bollywood stars (सोर्सः सोशल मीडिया)
RSS Centenary Event Mumbai: अब तक बिना किसी दिखावे या प्रचार से दूर रहकर अपने स्वयंसेवकों के माध्यम से देशभर में अनुशासन, राष्ट्रवाद और सामाजिक-सांस्कृतिक चेतना का बीज बोने वाले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की तस्वीर अब बदली हुई नजर आ रही है। अपनी स्थापना के 100वें वर्ष में प्रवेश करते ही संघ ने अपनी अब तक की यात्रा को नए तरीके से प्रस्तुत करने का प्रयास शुरू किया है।
अपनी राष्ट्रवादी सांस्कृतिक विचारधारा के कारण लंबे समय तक मुंबई के बॉलीवुड से वैचारिक दूरी बनाए रखने वाले आरएसएस के कार्यक्रम में फिल्मी सितारों की मौजूदगी एक अलग संदेश देती दिखाई दी। आरएसएस के 100 वर्ष पूरे होने के अवसर पर ‘संघ की 100 सालों की यात्रा नए क्षितिज’ नामक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
दो दिवसीय इस कार्यक्रम के दोनों सत्रों में बॉलीवुड सितारों का जमावड़ा देखने को मिला। पहले सत्र में सलमान खान और रणबीर कपूर नजर आए, जबकि रविवार को दूसरे सत्र में जैकी श्रॉफ, अक्षय कुमार, करण जौहर और अनन्या पांडे जैसे कलाकार भी शामिल हुए।
मुंबई के वर्ली स्थित नेहरू सेंटर ऑडिटोरियम में दूसरे दिन रविवार का कार्यक्रम ‘संघ की 100 सालों की यात्रा नए क्षितिज’ विषय पर केंद्रित रहा। इस कार्यक्रम में बॉलीवुड के कई अभिनेता और अभिनेत्रियां मौजूद थीं।
अभिनेता जैकी श्रॉफ संघ के कार्यक्रम में अलग अंदाज में नजर आए। उन्होंने सिर पर खाकी टोपी पहन रखी थी, जिसे संघ की पारंपरिक वेशभूषा का प्रतीक माना जाता है। बॉलीवुड के ‘खिलाड़ी’ अक्षय कुमार भी इस विशेष मौके पर उपस्थित थे। उनके साथ मराठी और हिंदी सिनेमा के दिग्गज महेश मांजरेकर और अभिनेता सुबोध भावे भी दिखाई दिए। इसी तरह मशहूर फिल्म निर्माता करण जौहर और अभिनेत्री अनन्या पांडे भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए।
महाराष्ट्र कैडर के प्रभावशाली आईएएस दंपति मिलिंद मैहस्कर अपनी पत्नी मनीषा मैहस्कर के साथ कार्यक्रम में शामिल हुए। मनीषा मूल रूप से आरएसएस के मुख्यालय नागपुर की रहने वाली हैं। पहली बार आरएसएस के कार्यक्रम में बॉलीवुड सितारों और आईएएस अधिकारियों की उपस्थिति चर्चा का विषय बनी हुई है।
‘100 इयर्स ऑफ संघ जर्नी न्यू होराइजन्स’ विषय पर आयोजित इस दो दिवसीय कार्यक्रम का उद्देश्य संघ के पिछले 10 दशकों के कार्यों को अलग-अलग तरीकों से लोगों के सामने प्रस्तुत करना है। देश और राज्य में सत्तारूढ़ पार्टी बीजेपी का वैचारिक पितृ संगठन माने जाने वाले आरएसएस को लेकर लोगों का नजरिया भी तेजी से बदल रहा है।
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27 सितंबर 1925 को केशव बलिराम हेडगेवार ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना की थी, जो गांधीवादी आदर्शवाद और क्रांतिकारी राष्ट्रवाद दोनों से प्रभावित थे। एक सदी बाद आज संघ भारत की सबसे प्रभावशाली संगठनों में से एक बन चुका है, जिसकी सामाजिक और राजनीतिक स्तर पर व्यापक उपस्थिति है। समय के साथ संघ अपने कार्यों और लक्ष्यों को नए तरीके से परिभाषित करने का प्रयास करता रहा है।