रोहित पवार की कंपनी ने गन्ना पेराई शुल्क को दी चुनौती, बंबई हाई कोर्ट पहुंची बारामती एग्रो लिमिटेड
Rohit Pawar: एनसीपी-एसपी नेता रोहित पवार की कंपनी बारामती एग्रो लिमिटेड ने बंबई हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। कंपनी ने महाराष्ट्र सरकार की गन्ना पेराई शुल्क को चुनौती दी है।
- Written By: प्रिया जैस
रोहित पवार ने खटखटाया बंबई हाई कोर्ट का दरवाजा (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Baramati Agro Limited: एनसीपी (एसपी) के विधायक रोहित पवार के नेतृत्व वाली एक कंपनी ने मुख्यमंत्री राहत कोष और दो अन्य कल्याणकारी संस्थाओं में अंशदान के लिए गन्ना पेराई पर शुल्क लगाने के महाराष्ट्र सरकार के फैसले को चुनौती देते हुए बंबई उच्च न्यायालय का रुख किया है।
न्यायमूर्ति मंजूषा देशपांडे की अवकाशकालीन पीठ ने गुरुवार को बारामती एग्रो लिमिटेड को तीनों मदों के तहत शुल्क राशि का 50 प्रतिशत तीन दिन के भीतर जमा करने का निर्देश दिया ताकि याचिका पर सुनवाई लंबित रहने तक उसके लाइसेंस पर कार्रवाई की जा सके। अदालत ने कहा कि इस बीच प्राधिकरण याचिकाकर्ता द्वारा दिए गए वचन के मद्देनजर याचिकाकर्ता के लाइसेंस पर कार्रवाई करेगा।
प्राधिकारियों को नोटिस जारी
इसने सरकार और अन्य संबंधित प्राधिकारियों को नोटिस जारी किया तथा मामले की अगली सुनवाई 13 नवंबर के लिए निर्धारित की। राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री राहत कोष और गोपीनाथ मुंडे गन्ना श्रमिक कल्याण निगम के लिए प्रति टन गन्ने की पेराई पर 10 रुपये तथा बाढ़ राहत कोष के लिए प्रति टन पांच रुपये लेने का निर्णय लिया है।
सम्बंधित ख़बरें
एकनाथ शिंदे को मुख्यमंत्री पद का ऑफर, शिवसेना का BJP में होगा विलय! सनसनीखेज ट्वीट से मचा हड़कंप
सोशल मीडिया पर की गई गलती पड़ सकती है भारी, Preity Zinta केस से समझिए पूरा मामला
‘आत्म सम्मान गया तो बचती है सिर्फ जिंदा लाश’, ऑपरेशन टाइगर पर भड़के राज ठाकरे का एकनाथ शिंदे पर करारा तंज
‘अग्नि परीक्षा’, उद्धव के वफादार हो तो जीवित पिता का पिंडदान करो, सुषमा अंधारे की कृष्णा अष्टिकर को चुनौती
लाइसेंस जारी करना अनुचित
याचिका में चीनी आयुक्त द्वारा सभी चीनी मिलों को जारी 27 अक्टूबर के पत्र को चुनौती दी गई है जिसमें उन्हें नए पेराई सत्र 2025-26 के लिए शुल्क लगाने के 30 सितंबर को लिए गए नीतिगत निर्णय के बारे में सूचित किया गया था। पत्र के अनुसार, जब तक संबंधित राशि जमा नहीं की जाती, चीनी मिलों को पेराई सत्र 2025-26 के लिए लाइसेंस जारी नहीं किया जाएगा।
यह भी पढ़ें – सभी को कर्जमाफी नहीं…फडणवीस सरकार पर बरसे उद्धव, बोले- किसानों को तुरंत दो राहत, फिर जोड़े हाथ
बारामती एग्रो लिमिटेड की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता गिरीश गोडबोले ने अदालत से कहा कि इस तरह का सशर्त लाइसेंस जारी करना न केवल अनुचित है, बल्कि किसी कानून द्वारा समर्थित भी नहीं है। उन्होंने उच्च न्यायालय को बताया कि सरकार के फैसले को चुनौती देने वाली इसी तरह की याचिकाएं अदालत की कोल्हापुर पीठ के समक्ष दायर की गई हैं।
रोहित की कंपनी ने गन्ना पेराई शुल्क को दी चुनौती
एनसीपी (एसपी) के विधायक रोहित पवार के नेतृत्व वाली एक कंपनी ने मुख्यमंत्री राहत कोष और 2 अन्य कल्याणकारी संस्थाओं में अंशदान के लिए गन्ना पेराई पर शुल्क लगाने के महाराष्ट्र सरकार के फैसले को चुनौती देते हुए बंबई उच्च न्यायालय का रुख किया है।
न्यायमूर्ति मंजूषा देशपांडे की अवकाशकालीन पीठ ने गुरुवार को बारामती एग्रो लिमिटेड को तीनों मदों के तहत शुल्क राशि का 50 प्रतिशत 3 दिन के भीतर जमा करने का निर्देश दिया, ताकि याचिका पर सुनवाई लंबित रहने तक उसके लाइसेंस पर कार्रवाई की जा सके। अदालत ने कहा कि इस बीच प्राधिकरण याचिकाकर्ता द्वारा दिए गए वचन के मद्देनजर याचिकाकर्ता के लाइसेंस पर कार्रवाई करेगा।
