राज ठाकरे के बैलट नहीं तो चुनाव का बहिष्कार पर सुप्रिया सुले का समर्थन, क्या चुनाव का बहिष्कार करेगा विपक्ष?

MVA Election Boycott: महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव के बीच EVM बनाम बैलट पेपर पर नया सियासी मोड़! मनसे प्रमुख राज ठाकरे के चुनाव बहिष्कार के सुझाव को सुप्रिया सुले और उद्धव ठाकरे का मिला समर्थन।
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राज ठाकरे और सुप्रिया सुले (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Raj Thackeray Demands Ballot Paper Election: महाराष्ट्र की राजनीति में एक नया मुद्दा जोर पकड़ रहा है। राज्य में विधान परिषद की स्थानीय निकाय निर्वाचन क्षेत्रों के चुनाव ने पूरे सियासी माहौल को हिलाकर रख दिया है। इसी बीच 'मनसे' प्रमुख राज ठाकरे ने बैलट पेपर पर चुनाव न होने तक मतदान बहिष्कार की सलाह दी है। उल्लेखनीय यह है कि राकां शरदचंद्र पवार पार्टी की सांसद सुप्रिया सुले ने राज का राय समर्थन किया है और उन्होंने इस मुद्दे को विपक्षी दलों के इंडिया गठबंधन की बैठक में उठाने की बात कही है।

महाराष्ट्र में विधान परिषद के चुनावों को लेकर इस समय सियासी पारा पूरी तरह गरमाया हुआ है। राज्य में कुछ सीटों पर चुनाव लड़नेवाली विपक्षी गठबंधन महाविकास अघाड़ी के उम्मीदवारों के ऐन वक्त पर नामांकन वापस लेने के बाद महायुति के प्रत्याशियों का निर्विरोध चुना जाना तय हो गया है, जिसे लेकर विपक्ष ने बड़े पैमाने पर हॉर्स ट्रेडिंग के आरोप लगाए हैं। इसी बीच, शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के प्रमुख राज ठाकरे से मुलाकात की। इससे राज्य की राजनीति में एक नया मोड़ आ गया है।

उद्धव ठाकरे की भी सहमति

मनसे प्रमुख राज ठाकरे से उनके आवास पर मुलाकात के दौरान राजनीतिक और गैर-राजनीतिक मुद्दों पर लंबी चर्चा करने के बाद राउत ने मीडिया को बताया कि ठाकरे का मानना है कि जब तक देश में बैलट पेपर के जरिए मतदान की व्यवस्था वापस नहीं लौटती, तब तक विपक्षी दलों को एकजुट होकर चुनावों का पूरी तरह बहिष्कार करना चाहिए। राउत ने इस बात की पुष्टि भी की है कि राज ठाकरे के इस सुझाव से पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने भी अपनी सहमति जताई है। इस साझा रुख के बाद अब महाराष्ट्र की राजनीति में ईवीएम बनाम बैलट पेपर का मुद्दा एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गया है।

ऐसा है सुप्रिया का रुख

राज ठाकरे और संजय राउत के बीच हुई इस चर्चा को लेकर जब राकां नेता सुप्रिया सुले से उनकी राय मांगी गई, तो उन्होंने इस विचार की सराहना की। सुले ने कहा कि राज ठाकरे द्वारा दिया गया सुझाव बेहद महत्वपूर्ण और अच्छा है। उन्होंने घोषणा की कि आगामी 8 जून को दिल्ली में 'इंडिया' गठबंधन की एक अहम बैठक होने जा रही है।

उन्होंने बैठक में देश के सभी प्रमुख विपक्षी नेताओं के सामने चुनावों के बहिष्कार की इस रणनीति और भूमिका पर विस्तार से चर्चा करेंगी। अब यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि क्या देश का समूचा विपक्ष भविष्य में चुनावों पर बहिष्कार का यह बड़ा दांव खेलने के लिए राजी होता है या नहीं।