पायधुनी तरबूज कांड: एक्सीडेंट, मर्डर या सुसाइड? मिस्ट्री बन गई है पूरे परिवार की मौत, अब तक नहीं सुलझी गुत्थी

Mumbai Pydhonie Family Death Case: पायधुनी में परिवार की संदिग्ध मौत में डिजिटल और फॉरेंसिक जांच जारी है। इलाज में 5.5 घंटे की देरी बनी मौत की मुख्य वजह। लेकिन अनसुलझी है मौत की गुत्थी।
Pydhonie Family Death Mystery
पायधुनी परिवार की संदिग्ध मौत में नया मोड़ (फोटो क्रेडिट-X)
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Pydhonie Family Death Mystery: मुंबई के पायधुनी इलाके में 25 अप्रैल 2026 की रात को हुई डोकाडिया परिवार की मौत का रहस्य अब भी अनसुलझा है। हालांकि, जांच के बढ़ते दायरे में कई चौंकाने वाली जानकारियां सामने आ रही हैं। चिकित्सा विशेषज्ञों की शुरुआती चर्चा के अनुसार, इस पूरे मामले में सबसे दुखद पहलू इलाज में हुई देरी रही। बताया जा रहा है कि परिवार के सदस्यों को सही समय पर अस्पताल पहुँचाने में साढ़े पांच घंटे का विलंब हुआ, जो उनके बचने की संभावना को खत्म करने वाला साबित हुआ।

जब परिवार के सदस्यों को पेट दर्द, उल्टी और दस्त की शिकायत हुई, तो उन्होंने पहले एक स्थानीय डॉक्टर से प्राथमिक उपचार लिया। थोड़े समय के आराम के बाद जब उनकी हालत दोबारा बिगड़ी, तब भी उन्हें तुरंत अस्पताल नहीं ले जाया गया। अंततः सुबह 11 बजे के बाद जब उन्हें जे.जे. अस्पताल पहुँचाया गया, तब तक उनकी स्थिति बेकाबू हो चुकी थी।

डिजिटल सबूत और मोबाइल डेटा की जांच

मुंबई पुलिस इस मामले में किसी भी साजिश की आशंका को खारिज नहीं कर रही है। इसी कड़ी में मृतकों के मोबाइल फोन कलिना फॉरेंसिक लैब भेजे गए हैं। पुलिस अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या मौत से ठीक पहले फोन का डेटा जानबूझकर डिलीट किया गया था या फोन फॉर्मेट किए गए थे। कॉल रिकॉर्ड्स और इंटरनेट सर्च हिस्ट्री के जरिए यह समझने का प्रयास किया जा रहा है कि क्या परिवार किसी मानसिक तनाव या बाहरी दबाव में था।

तरबूज, बिरयानी और मॉर्फिन का संदेह

शुरुआती जांच में यह बात सामने आई थी कि मौत से पहले परिवार ने बिरयानी और तरबूज का सेवन किया था। पोस्टमार्टम के बाद लिए गए नमूनों की प्रारंभिक रिपोर्ट में गंभीर विषाक्तता (Toxicity) पाई गई है। पुलिस को अब शक है कि खाने में 'मॉर्फिन' जैसे किसी खतरनाक विषैले पदार्थ की मिलावट हो सकती है। हालांकि, विसरा और हिस्टोपैथोलॉजिकल रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि यह फूड पॉइजनिंग का मामला था या किसी ने जानबूझकर खाने में जहर मिलाया था।

रिपोर्ट का इंतजार और पुलिस की अपील

जे.जे. मार्ग पुलिस ने वर्तमान में आकस्मिक मृत्यु रिपोर्ट (ADR) दर्ज की है और अब तक एक दर्जन से अधिक लोगों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) भी इस मामले में तरबूज और अन्य खाद्य सामग्रियों के नमूनों की बारीकी से जांच कर रहा है। पुलिस का कहना है कि जब तक कलिना लैब से फाइनल टॉक्सिकोलॉजी रिपोर्ट नहीं आ जाती, तब तक किसी भी नतीजे पर पहुँचना जल्दबाजी होगी। रिपोर्ट मिलते ही दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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