Priyanka Chaturvedi On Amit Shah (फोटो क्रेडिट-X)
Priyanka Chaturvedi on Naxal Free India: देश में नक्सलवाद के खात्मे की घोषणा पर सियासी संग्राम छिड़ गया है। गृहमंत्री अमित शाह द्वारा 31 मार्च तक भारत को ‘नक्सल मुक्त’ घोषित करने के दावे पर शिवसेना (UBT) की राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने तीखा पलटवार किया है। प्रियंका ने इसे एक लंबी प्रक्रिया बताते हुए कहा कि इसका श्रेय केवल एक सरकार या व्यक्ति को देना उन सुरक्षा बलों और पिछली सरकारों के अपमान जैसा है, जिन्होंने दशकों तक इस मोर्चे पर लड़ाई लड़ी है।
नवी दिल्ली में मीडिया से बात करते हुए प्रियंका चतुर्वेदी ने बीजेपी सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए और अन्य ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा की मांग की।
#WATCH दिल्ली: गृह मंत्री अमित शाह के बयान पर शिवसेना(UBT) नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, “जिस तरीके से UPA के कार्यकाल से नक्सलवाद पर कार्रवाई शुरू हुई थी और अब आकर खत्म होने का श्रेय ले रहे हैं तो उसमें केवल एक सरकार का योगदान नहीं हो सकता है। एक निरंतर प्रक्रिया होती है…… pic.twitter.com/lNbJeN4p1x — ANI_HindiNews (@AHindinews) March 31, 2026
प्रियंका चतुर्वेदी ने गृहमंत्री अमित शाह के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि नक्सलवाद पर प्रभावी कार्रवाई यूपीए (UPA) के कार्यकाल से ही शुरू हो गई थी। उन्होंने याद दिलाया कि कोबरा (CoBRA) जैसे विशेष बलों का गठन और पुलिस आधुनिकीकरण पुरानी सरकारों की देन है। उन्होंने छत्तीसगढ़ की पूर्व कांग्रेस सरकार के योगदान का भी जिक्र किया। चतुर्वेदी ने कहा, “किसी एक सरकार का इस पर इकलौता हक जमाना दुर्भाग्यपूर्ण है। यह एक सामूहिक जीत है, जिसका श्रेय केवल वर्तमान बीजेपी सरकार अपनी पीठ थपथपाने के लिए ले रही है।”
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सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने सरकार से सवाल किया कि यदि नक्सलवाद के खात्मे पर सदन में चर्चा हो सकती है, तो सुरक्षा और इंटेलिजेंस की अन्य नाकामियों पर चुप्पी क्यों है? उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से पहले जानकारी लीक होने और लाल किले पर हुए आतंकी हमले का जिक्र करते हुए पूछा कि इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) की कार्यप्रणाली और जवाबदेही पर चर्चा कब होगी? उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार केवल उन्हीं मुद्दों को सामने लाती है जिनसे उन्हें राजनीतिक लाभ मिलता है, जबकि बड़ी विफलताओं पर पर्दा डाल दिया जाता है।
जनता के मुद्दों को उठाते हुए प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि वर्तमान में देश मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में चल रहे युद्ध के कारण बड़े आर्थिक संकट से जूझ रहा है। उन्होंने कहा, “युद्ध की वजह से तेल और गैस की सप्लाई प्रभावित हुई है, जिससे महंगाई आसमान छू रही है। लोगों को LPG सिलेंडर के लिए लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है।” उन्होंने मांग की कि सरकार को नक्सलवाद पर अपनी प्रशंसा करने के साथ-साथ इस अंतरराष्ट्रीय संकट और उसके घरेलू असर पर भी सदन में विस्तृत चर्चा करनी चाहिए।