प्रवासी देवो भव; आषाढ़ी वारी में लालपरी बनी लाखों वारकरियों की भरोसेमंद, 9 लाख श्रद्धालुओं को ने किया सफर
ST Lalpari Bus Revenue: आषाढ़ी वारी में ST की ‘लालपरी’ ने 5,500 बसों से 9.24 लाख से अधिक वारकरियों को सुरक्षित पंढरपुर पहुंचाया। 21,527 विशेष फेरों से निगम को ₹41.18 करोड़ का राजस्व मिला।
- Written By: सूर्यप्रकाश मिश्र | Edited By: आलोक उमाकृष्ण
आषाढ़ी वारी में लालपरी बनी लाखों वारकरियों की भरोसेमंद (सोर्स: AI)
Ashadhi Wari ST Lalpari Bus Revenue: महाराष्ट्र की भक्ति परंपरा की आत्मा कही जाने वाली ‘पंढरी की वारी’ में इस बार भी महाराष्ट्र राज्य परिवहन की ‘लालपरी’ लाखों वारकरियों के लिए विश्वास की साथी बनकर सामने आई। परिवहन मंत्री और ST महामंडल के अध्यक्ष प्रताप सरनाईक ने बताया कि आषाढ़ी यात्रा के लिए ST महामंडल ने करीब 5,500 बसों के जरिए 9 लाख 24 हजार 738 भाविक-यात्रियों को सुखद और सुरक्षित यात्रा कराई।
21,527 विशेष फेरे
सरनाईक ने बताया कि यात्रा अवधि में ST ने राज्य के विभिन्न हिस्सों से पंढरपुर के लिए 21,527 विशेष फेरे चलाए। इस विशेष परिवहन से महामंडल को 41 करोड़ 18 लाख रुपये से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार आय में लगभग 5 करोड़ 30 लाख रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मंत्री सरनाईक ने कहा कि गले में तुलसी की माला, मुख में विठ्ठल का नाम और मन में पांडुरंग से मिलने की आस लेकर लाखों वारकरी पंढरी की ओर निकलते हैं।
उनके इस भक्तिमय सफर का छोटा सा हिस्सा बनने का सौभाग्य हर साल हमारी लालपरी को मिलता है। किसी भाविक को विठुराय के दर्शन के लिए सुरक्षित पंढरपुर पहुंचाना और दर्शन के बाद उसे सकुशल घर पहुंचाना सिर्फ यात्री सेवा नहीं है, यह ST के माध्यम से होने वाली विठ्ठल सेवा ही है।
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कर्मचारियों की सराहना
उन्होंने ST कर्मचारियों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि राज्यभर से आई बसों, चालकों, वाहकों, यांत्रिक, सुरक्षा और प्रशासनिक विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों ने रात-दिन मेहनत की। भारी भीड़, यातायात का दबाव और हजारों फेरों के बावजूद यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई।
‘प्रवासी देवो भव’ की भावना से काम करते हुए सभी ने जिम्मेदारी निभाई। सरनाईक ने कहा वारी में चलने वाले हर वारकरी के कदमों में जैसी विठ्ठल भक्ति होती है, वैसे ही लाखों भाविकों की सेवा करने वाले ST के हर कर्मचारी के कर्तव्य में मुझे विठ्ठल सेवा दिखाई देती है। अपने घर के त्योहार छोड़कर दिन-रात सेवा देने वाले हर हाथ को मेरा नमन। 9 लाख से अधिक भाविकों को सकुशल उनके गंतव्य तक पहुंचाना, यही ST परिवार द्वारा विठुराय के चरणों में अर्पित किया गया सेवा पुष्प है।
उन्होंने यह भी कहा कि ST महामंडल केवल यात्री सेवा संस्था नहीं, बल्कि महाराष्ट्र के सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक जीवन से जुड़ी लोकवाहिनी है। पंढरी की वारी में लाखों भाविकों के चेहरे पर दिखने वाला संतोष और सुरक्षित सफर के बाद उनके परिवारों की खुशी ही ST की असली कमाई है।
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लालपरी की यह लोकसेवा
विठ्ठल दर्शन की आस रखने वाले हर भाविक को सुरक्षित पंढरी ले जाना और वापस घर पहुंचाना हमारा कर्तव्य भी है और सौभाग्य भी। भविष्य में लालपरी की यह लोकसेवा परंपरा और मजबूत होगी, ऐसा विश्वास परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने व्यक्त किया।
