

Mumbai Property Registration Record Stamp Duty: मुंबई का आवासीय रियल एस्टेट बाजार जुलाई 2026 में रिकॉर्ड ऊंचाई पर रहा। नाइट फ्रैंक इंडिया के आंकड़ों के अनुसार, बीएमसी क्षेत्र में जुलाई 2026 में 13,617 संपत्तियों का पंजीकरण हुआ है, जो पिछले 14 वर्षों में जुलाई महीने का सबसे अधिक आंकड़ा है। यह आंकड़ा पिछले साल की तुलना में 8.3% अधिक है।
इसके साथ ही राज्य सरकार का स्टाम्प शुल्क संग्रह भी 8.9% बढ़कर ₹1,223 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है। विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत बुनियादी ढांचा विकास, अंतिम उपयोगकर्ताओं की निरंतर मांग और प्रीमियम आवासीय परियोजनाओं में बढ़ती रुचि इस तेजी की मुख्य वजह है।
नरेडको महाराष्ट्र के अध्यक्ष कमलेश ठाकुर ने कहा कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद मुंबई का बाजार स्थिरता दिखा रहा है। यह वृद्धि बुनियादी ढांचे, स्थिर अर्थव्यवस्था और घर खरीदने की बढ़ती प्राथमिकता का परिणाम है। नीतिगत समर्थन और शहरी बुनियादी ढांचे में निवेश से यह गति आगे भी बनी रहेगी। द गार्डियंस रियल एस्टेट के CEO राम नाईक के अनुसार, खरीदार अब मुंबई की प्रॉपर्टी को सिर्फ रहने के लिए नहीं, बल्कि दीर्घकालिक संपत्ति निर्माण के रूप में देख रहे हैं।
स्टाम्प शुल्क में बढ़ोतरी उच्च मूल्य वाले लेनदेन की मजबूती दिखाती है। त्योहारी सीजन में भी सकारात्मक भावना बनी रहने की उम्मीद है। सुपर्ब रियल्टी के MD शिल्पिन तातेर ने कहा कि आज के खरीदार गुणवत्ता, समय पर डिलीवरी और कनेक्टिविटी को प्राथमिकता दे रहे हैं। MMR में चल रही मेट्रो और रोड परियोजनाओं से नए और पुराने दोनों माइक्रो-मार्केट में मांग बढ़ेगी।
ट्रांसकॉन डेवलपर्स की निदेशक श्रद्धा केडिया अग्रवाल ने बताया कि प्रीमियम और लक्ज़री सेगमेंट में मांग खासतौर पर तेज है। पश्चिमी उपनगरों में हमारी लक्ज़री परियोजनाओं के लिए मजबूत पूछताछ है। खरीदार बड़े घर और बेहतर जीवनशैली चाहते हैं। अरिहा ग्रुप के प्रमोटर ध्रुमन शाह ने इसे बाजार की परिपक्वता का संकेत बताया। मध्यम वर्ग से लेकर प्रीमियम तक सभी सेगमेंट में मांग है।
त्योहारी सीजन में यह रुझान और मजबूत होगा। कुल मिलाकर आंकड़े बताते हैं,कि बढ़ी कीमतों के बावजूद मुंबई में घर खरीदने का भरोसा कायम है और बुनियादी ढांचे के विस्तार के साथ आने वाले महीनों में भी मांग मजबूत बनी रहने की संभावना है।