Ajit Pawar Plane Crash: PSO विदीप जाधव की भी गई जान, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

Baramati Plane Crash में डिप्टी सीएम अजित पवार के साथ उनके PSO विदीप जाधव की भी मौत हो गई। 2009 बैच के कांस्टेबल विदीप अपने कर्तव्य निभाते हुए शहीद हो गए, जिससे परिवार और मोहल्ले में मातम है।
Vidip Jadhav
पीएसओ विदीप जाधव (सौ. सोशल मीडिया )
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Ajit Pawar Security Officer: महाराष्ट्र के डिप्टी चीफ मिनिस्टर अजित पवार की बारामती में हुए विमान हादसे में असमय मौत हो गई। इस हादसे में उनके साथ सफर कर रहे सिक्योरिटी गार्ड विदीप जाधव, क्रू मेंबर पिंकी माली और दो पायलटों की भी जान चली गई। इस दर्दनाक घटना से पूरा महाराष्ट्र शोक में डूब गया है।

इस हादसे में जान गंवाने वाले विदीप जाधव मुंबई पुलिस में कार्यरत थे और अजीत पवार के पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर (PSO) के तौर पर तैनात थे। ड्यूटी निभाते हुए उनकी मौत ने पुलिस महकमे को गहरा सदमा दिया है।

2009 बैच के अनुशासित पुलिस कांस्टेबल

विदीप जाधव 2009 बैच के पुलिस कांस्टेबल थे। मूल रूप से वह सतारा जिले के लोनांद गांव के रहने वाले थे, लेकिन ड्यूटी के कारण फिलहाल मुंबई के कलवा इलाके में अपने परिवार के साथ रहते थे। उन्हें एक कर्तव्यनिष्ठ, शांत और अनुशासित अधिकारी के रूप में जाना जाता था।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

हादसे की खबर मिलते ही विदीप जाधव का परिवार सुबह-सुबह बारामती के लिए रवाना हो गया। बताया जा रहा है कि हादसे वाले दिन सुबह पड़ोसियों ने विदीप को रोज़ की तरह ड्यूटी पर जाते देखा था। जैसे ही टीवी पर खबर आई, उनकी मां बेसुध हो गईं। बाद में कलवा पुलिस उनके घर पहुंची और परिवार को बारामती ले जाया गया।

पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल

विदीप जाधव के परिवार में पत्नी, एक बेटा, एक बेटी और माता-पिता हैं। उनकी पत्नी उस समय पनवेल में मायके गई हुई थीं। हादसे की खबर के बाद पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

मिलनसार स्वभाव, हर किसी का मददगार

पड़ोसियों के अनुसार, विदीप जाधव बेहद मिलनसार और मददगार स्वभाव के थे। पुलिस की नौकरी में होने के बावजूद वह आम लोगों की मदद के लिए हमेशा आगे रहते थे। अब मोहल्ले के लोगों ने सरकार से मांग की है कि शहीद पुलिसकर्मी के परिवार को आर्थिक और सरकारी सहायता दी जाए।

चुनावी ड्यूटी के दौरान हुआ हादसा

यह हादसा उस वक्त हुआ, जब अजित पवार जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों के सिलसिले में कैंपेन मीटिंग के लिए बारामती जा रहे थे। यह दुर्घटना न सिर्फ एक बड़े नेता, बल्कि एक कर्तव्यनिष्ठ पुलिसकर्मी की भी शहादत की कहानी बन गई।

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