

Pilot Deaths India FDTL Rules: पिछले 48 घंटों में दो पायलटों की मौत के बाद एयरलाइन पायलट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (अल्पा इंडिया) ने चिंता जताई है।
एविएशन रेगुलेटर ने आरोप लगाया है कि फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिट (एफडीटीएल) पर एयरलाइंस को दी गई छूट सीधे तौर पर पलाइट सेफ्टी के लिए खतरा है और पायलटों को स्वास्थ्य समस्याएं हो रही हैं।
इसने यह भी मांग की है कि डायरेक्टरेट जनरल ऑफ़ सिविल एविएशन (डीजीसीए) एयरलाइंस को पायलटों की हेल्थ रिपोर्ट पब्लिक करने का निर्देश दे। एयर इंडिया के कैप्टन तरुणदीप सिंह को 29 अप्रैल को बाली में रहने के दौरान हार्ट अटैक आया था।
अकासा एयर के कैप्टन अर्जुन नायडू की 30 अप्रैल को बेंगलुरु में एक ट्रेनिंग सेशन के दौरान हार्ट अटैक से मौत हो गई, दोनों पायलट 45 साल से कम उम्र के थे। पायलटों की असमय मौतों को देखते हुए अल्पा इंडिया ने मांग की है कि केंद्र सरकार यह पक्का करे कि नियम समय पर लागू हों।
एक एविएशन सेफ्टी एनजीओ के डेटा के मुताबिक, 2009 और 2023 के बीच उड़ान भरने के लिए कुछ समय के लिए मेडिकली अनफिट घोषित किए गए पायलटों की संख्या में 520 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। अगस्त 2023 से 50 साल से कम उम्र के कम से कम पांच भारतीय पायलटों की ड्यूटी के दौरान मौत हो चुकी है।
केंद्र सरकार ने पायलटों और दूसरे कर्मचारियों के लिए पर्याप्त आराम पक्का करने के लिए जनवरी 2024 में नए फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिट नियमों की घोषणा की थी। इन नियमों के मुताबिक, पायलटों के लिए हफ्ते के आराम का समय 36 घंटे से बढ़ाकर 48 घंटे करना, ज्यादा से ज्यादा फ्लाइट ड्यूटी की लिमिट 10 घंटे तय करना और रात में लैंडिग को हफ्ते में दो बार तक लिमिट करना जरूरी था। एयरलाइंस के दबाव के कारण केंद्र सरकार ने नए नियमों को लागू करने को 13 महीने के लिए टाल दिया।