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पवनराजे निंबालकर हत्याकांड: 20 साल बाद आएगा फैसला, आरोपी पूर्व गृहमंत्री पद्मसिंह पाटिल की सांसें अटकीं

Pavanraje Nimbalkar Murder Case: महाराष्ट्र के बहुचर्चित पवनराजे निंबालकर और उनके ड्राइवर की 2006 में हुई हत्या के मामले में 20 जून को विशेष अदालत अपना अंतिम फैसला सुना सकती है।

  • Written By: आकाश मसने
Updated On: Jun 16, 2026 | 06:02 PM

पवनराजे निंबालकर हत्याकांड के मुख्य आरोपी पद्मसिंह पाटिल व पवनराजे के बेटे ओमप्रकाश राजे निंबालकर पहुंचे कोर्ट (सोर्स: सोशल मीडिया)

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Pavanraje Nimbalkar Murder Case Verdict: महाराष्ट्र की सियासत को दहला देने वाले दो दशक पुराने पवनराजे निंबालकर हत्याकांड में अब फैसले की घड़ी आ गई है। विशेष CBI अदालत 20 जून को इस पर अपना निर्णय सुना सकती है। इस मामले में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के पूर्व सांसद पद्मसिंह पाटिल मुख्य आरोपी हैं।

विशेष अदालत के न्यायाधीश सत्यनारायण नवंदर की बेंच में मंगलवार, 16 जून को इस मामले को फैसले के लिए सूचीबद्ध किया गया था। हालांकि, न्यायाधीश ने यह कहते हुए मामले की सुनवाई 20 जून तक के लिए स्थगित कर दी कि फैसला पूरा करने में उन्हें दो से तीन दिन का समय और लगेगा।

पद्मसिंह पाटिल पहुंचे कोर्ट

मुंबई में CBI की अदालत में आज हुई सुनवाई के दौरान पवनराजे निंबालकर हत्याकांड के मुख्य आरोपी और महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री व पूर्व एनसीपी नेता पद्मसिंह पाटिल कोर्ट पहुंचे थे। पद्मसिंह पाटिल अब 86 साल के हो गए है। साथ ही पवनराजे के बेटे ओमप्रकाश राजे निंबालकर भी कोर्ट पहुंचे थे।

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#WATCH | Mumbai | Prime accused Ex-NCP Leader Padamsinh Patil, now 86 years old, arrives at the Special CBI Court, to appear in the June 3 2006 double murder case of then Congress leader Pawanraje Nimbalkar and his driver Samad Kazi. pic.twitter.com/MIoO4pil7W — ANI (@ANI) June 16, 2026

2006 में हुई थी पवनराजे निंबालकर की हत्या

यह पूरा मामला साल 2006 का है, जिसने महाराष्ट्र के राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया था। 3 जून 2006 को कांग्रेस नेता पवनराजे निंबालकर अपने ड्राइवर समद काजी के साथ कार से मुंबई से उस्मानाबाद (जिसका नाम अब धाराशिव है) की ओर जा रहे थे। इसी दौरान नवी मुंबई के कलंबोली इलाके में दो अज्ञात हमलावरों ने उनकी गाड़ी को जबरन रुकवाया। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, शूटरों ने कार पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। इस भीषण हमले में पवनराजे निंबालकर और उनके चालक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई थी।

चचेरे भाई और रसूखदार नेताओं पर है हत्या का आरोप

केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की जांच के मुताबिक, इस सनसनीखेज हत्याकांड के पीछे गहरी राजनीतिक और व्यावसायिक प्रतिद्वंद्विता थी। मामले के मुख्य आरोपी पद्मसिंह पाटिल, मृतक पवनराजे निंबालकर के चचेरे भाई हैं।

सीबीआई का आरोप है कि पद्मसिंह पाटिल ने पवनराजे निंबालकर को रास्ते से हटाने के लिए एक सोची-समझी आपराधिक साजिश रची और शूटरों को मोटी रकम देकर सुपारी दी। इस मामले में पाटिल के अलावा लातूर के कारोबारी सतीश मांडडे और रिटायर्ड आबकारी निरीक्षक मोहन शुक्ला समेत सात अन्य लोग भी आरोपी हैं।

बदले हुए सियासी समीकरण और अगला कदम

समय के साथ इस मामले से जुड़े किरदारों की सियासी जमीन भी काफी बदल चुकी है। पवनराजे निंबालकर के बेटे ओमप्रकाश राजे निंबालकर इस समय शिवसेना (यूबीटी) गुट से लोकसभा सांसद हैं, जो लगातार अपने पिता के लिए न्याय की लड़ाई लड़ रहे हैं। अब पूरे महाराष्ट्र की नजरें 20 जून को आने वाले अदालती फैसले पर टिकी हैं, जो सूबे की राजनीति में एक नया मोड़ ला सकता है।

यह भी पढ़ें:- Maha TET 2026 Postponed: महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा अब 28 जून को, आज से मिलेंगे एडमिट कार्ड

फैसले पर क्या बोले ओमप्रकाश राजे?

पवनराजे के बेटे ओमप्रकाश राजे निंबालकर ने कहा कि मैं बस इतना कहना चाहता हूं कि मेरा परिवार और समद काजी का परिवार लगभग 20 साल और 13 दिनों से संघर्ष कर रहे हैं। विरोधी पक्ष बार-बार हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट गए और केस को लंबा खींचने के लिए कई तरह के हथकंडे अपनाए। कोर्ट ने इस मामले में फैसले के लिए 16 तारीख तय की थी, और आज ही वह दिन था। हालांकि, अब इसमें तीन दिन की और देरी होगी। हमें उम्मीद है कि 20 तारीख को माननीय कोर्ट मेरे परिवार और समद काजी के परिवार को न्याय दिलाएगा।

VIDEO | Congress leader Pawanraje Nimbalkar murder case: Omprakash Raje Nimbalkar, son of Pawanraje, says, “I just want to say… my family and the family of Samad Kazi (driver of Pawanraje Nimbalkar) have endured and struggled through this judicial process for nearly 20 years… pic.twitter.com/lfyRRkUACk — Press Trust of India (@PTI_News) June 16, 2026


सांसद ओमप्रकाश राजे ने कहा कि ये ऐसे घाव और नुकसान हैं जिनकी भरपाई कभी नहीं हो सकती। दोनों परिवारों ने जो कुछ भी सहा है, उसे कोई वापस नहीं ला सकता। लेकिन हमें इस तरह की तकलीफ देने के लिए जो लोग जिम्मेदार हैं, उन्हें कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। हमारे संविधान के अनुसार, योजना बनाकर और जान-बूझकर की गई हत्या के लिए मौत की सजा का प्रावधान है। यानी फांसी की सजा। हमें बस यही उम्मीद है कि माननीय कोर्ट हमें न्याय दिलाएगा।

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Published On: Jun 16, 2026 | 06:02 PM

Topics:  

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