पालघर संत हत्याकांड में 5 साल बाद भी न्याय का इंतजार, CM फडणवीस से मिले पीड़ितों के परिजन, मिला ये आश्वासन
Palghar Sadhu Lynching Case: पालघर संत हत्याकांड के पीड़ितों के परिजनों ने सीएम देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात कर आर्थिक सहायता, दोषियों को कड़ी सजा और दिवंगत संतों का स्मारक बनाने की मांग की है।
- Written By: रूपम सिंह
CM फडणवीस से मिले पीड़ितों के परिजन, (सोर्स सोशल मीडिया)
Palghar Sadhu Lynching Case CM Devendra Fadnavis: पालघर संत हत्याकांड में मारे गए संतों एवं चालक के परिजनों ने मंगलवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात कर उन्हें एक ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान करने, हत्याकांड के दोषियों को शीघ्र एवं कठोर सजा दिलाने तथा पालघर में दिवंगत संतों का स्मारक बनाने की मांग की। समाजसेवी अरुण शुक्ल के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल में चालक तेलगंडे की माता निर्मला तेलंगडे एवं उनके दो अबोध बच्चे, संत सुशील गिरि की बहन सपना मिश्रा तथा ब्रिजेश पांडे शामिल थे।
प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के समक्ष पीड़ित परिवारों की समस्याओं और उनकी लंबित मांगों को विस्तार से रखा। अरुण शुक्ल ने बताया कि मुख्यमंत्री फडणवीस ने सभी मांगों को गंभीरता से सुना और उन्हें पूरा करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने और उनकी उचित सहायता के लिए सकारात्मक कदम उठाएगी।
सरकारी आश्वासन मिलने के बाद संत के परिजनों के चेहरे पर खुशी के आंसू छलक आए। परिजनों ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि घटना में मारे गए संतों और चालक के परिवारों को पर्याप्त आर्थिक सहायता दी जाए, दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा सुनिश्चित की जाए तथा पालघर में दिवंगत संतों की स्मृति में एक भव्य स्मारक का निर्माण कराया जाए, जिससे आने वाली पीढ़ियां इस दुखद घटना को याद रख सकें।
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परिवारों को पर्याप्त आर्थिक सहायता दी जाए
इस अवसर पर विधायक संजय उपाध्याय तथा ब्रजमोहन पांडेय के सहयोग के लिए विशेष आभार व्यक्त किया गया। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि उनके सहयोग से पीड़ित परिवारों की आवाज मुख्यमंत्री तक प्रभावी ढंग से पहुंच सकी। उल्लेखनीय है कि पालघर में संतों और उनके चालक की भीड़ द्वारा की गई हत्या ने पूरे देश को झकझोर दिया था। घटना के कई वर्ष बीत जाने के बाद भी परिजन न्याय और सम्मानजनक पुनर्वास की मांग कर रहे हैं। मुख्यमंत्री से हुई यह मुलाकात उनकी मांगों को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
न्याय का भरोसा
सरकारी मदद के साथ-साथ मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि इस मामले की कानूनी पैरवी को और तेज किया जाएगा ताकि दोषियों को सख्त से सख्त सजा मिल सके और इन परिवारों को पूरा न्याय मिले। सरकारी मदद से विशेष रूप से ड्राइवर के दो छोटे बच्चों की शिक्षा और भविष्य को सुरक्षित करने तथा संतों के आश्रित परिवारों को एक संबल देने की कोशिश की जा रही है। सरकार इस कठिन समय में निर्मला तेलगड़े, उनके बच्चों और सपना मिश्रा सहित सभी पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है। सहायता और राहत – सामग्री की खेप बिना किसी प्रशासनिक देरी के सीधे -परिजनों तक जल्द से जल्द पहुँच जाएगी।
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संत समाज ने किया था विरोध
16 अप्रैल, 2020 में दो साधुओं साधुओं महंत कल्पवृक्ष गिरि, सुशील गिरि और उनके ड्राइवर नीलेश तेलगड़े की हत्या कर दी गई थी। यह घटना कथित तौर पर बच्चा चोरी का शक जताते हुए पालघर इलाके के गढ़चिंचले गांव में हुई थी। जहां दो साधुओं कल्पवृक्ष और सुशील गिरी समेत ड्राइवर को पीट-पीट कर भीड़ ने मार डाला था। इस घटना पर देशभर के संत समाज ने विरोध करते हुए तत्कालीन सरकार पर सवाल खड़े किए थे।
विपक्षियों ने कहा था कि सरकार को तुरंत ही सख्त एक्शन लेते हुए मामले की सीबीआई जांच करानी चाहिए, लेकिन सरकार ने ऐसा नहीं करते हुए इसे पुलिस जांच से ही सिमटा दिया था। तत्कालीन सरकार ने मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो को सौंपने का विरोध किया था, लेकिन बाद में आई शिंदे-फडणवीस सरकार ने इस पर सहमति जताई।
जांच पर भी उठे थे सवाल
सुप्रीम कोर्ट ने अप्रैल 2023 में इस पूरे मामले की जांच सीबीआई को सौंपने की अनुमति दे दी। इस मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को निलंबित किया गया था। दो पुलिसकर्मियों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति पर भेजा गया और लगभग 15 पुलिसकर्मियों के वेतन में कटौती की सजा दी गई।
कोर्ट में चल रही सुनवाई
इस मामले में अब तक 100 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। हाल ही में दिसंबर 2025 में बॉम्बे हाईकोर्ट ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए कई मुख्य आरोपियों की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी हैं। कोर्ट में मामले की सुनवाई जारी है।
