‘पिक्चर अभी बाकी है’, ऑपरेशन टाइगर- शिवसेना UBT 6 सांसदों के बाद 16 विधायकों पर शिंदे गुट की नजर
Operation Tiger Shiv Sena UBT Split: ऑपरेशन टाइगर की सफलता के बाद शिंदे गुट का दावा, ठाकरे गुट के 16 विधायक संपर्क में; मुंबई के पार्षदों पर भी संकट।
- Written By: अनिल सिंह
उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे (फोटो क्रेडिट-X)
Operation Tiger Shiv Sena UBT MLA: एकनाथ शिंदे की शिवसेना द्वारा लोकसभा में किए गए ‘ऑपरेशन टाइगर’ ने महाराष्ट्र की राजनीति में भूचाल ला दिया है। ठाकरे गुट के 6 सांसदों के अलग होकर अपना स्वतंत्र गुट बनाने और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला द्वारा इसे मान्यता दिए जाने के बाद, अब सियासत का केंद्र ‘विधायकों’ की ओर शिफ्ट हो गया है। शिंदे खेमे ने दावा किया है कि न केवल सांसद, बल्कि उद्धव गुट के 16 विधायक भी अब उनके सीधे संपर्क में हैं, जिससे उद्धव ठाकरे के सामने अपने अस्तित्व को बचाने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।
ऑपरेशन टाइगर को लेकर कहा जा रहा है कि पिक्चर अभी बाकी है, सांसदों के बाद विधायकों और मुंबई के पार्षदों को भी शिंदे गुट अपने पाले में करने की फिराक में है। ऐसे में ये कहना गलत नहीं होगा कि ठाकरे गुट की शिवसेना का अस्तित्व ही खतरे में पड़ता दिख रहा है।
19 जून को शिंदे सेना में होगा विलय
बुधवार को एक बड़ा राजनीतिक उलटफेर हुआ जब ठाकरे गुट के 6 बागी सांसदों, संजय जाधव, संजय देशमुख, नागेश पाटिल अष्टिकर, ओमराजे निंबालकर, भाऊसाहेब वकचौरे और संजय दीना पाटिल ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात की। स्पीकर ने इनके द्वारा बनाए गए स्वतंत्र समूह को मान्यता दे दी है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, ये सभी सांसद 19 जून को मुंबई में होने वाले शिवसेना (शिंदे गुट) के स्थापना दिवस समारोह के दौरान औपचारिक रूप से एकनाथ शिंदे की उपस्थिति में पार्टी में विलय करेंगे।
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नरेश म्हस्के की खुली चेतावनी
सांसदों के इस बड़े दलबदल के बाद शिंदे गुट के आक्रामक तेवर और तेज हो गए हैं। शिंदे खेमे के वरिष्ठ नेता नरेश म्हस्के ने उद्धव ठाकरे को खुली चुनौती देते हुए कहा, “अभी तो बस शुरुआत है, पिक्चर अभी बाकी है। आप देख लें कि मुंबई में आपके साथ कितने पार्षद (Corporators) बचे हैं, क्या वे आपके साथ रहते हैं या नहीं।” यह बयान सीधे तौर पर उन पार्षदों को निशाना बना रहा है जो अभी भी ठाकरे खेमे के प्रति वफादार हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि शिंदे गुट मुंबई नगर निगम (BMC) के पार्षदों में सेंध लगाने में सफल होता है, तो उद्धव ठाकरे की राजनीतिक ताकत का मुख्य आधार पूरी तरह खत्म हो जाएगा।
ठाकरे गुट के उन 20 विधायकों की सूची, जिन पर टिकी हैं सबकी निगाहें
फिलहाल राजनीतिक गलियारों में चर्चा इस बात की है कि शिंदे गुट के दावे के मुताबिक वे कौन से 16 विधायक हैं जो ‘संपर्क’ में हैं। ठाकरे गुट के पास वर्तमान में जो प्रमुख विधायक बचे हैं, उनमें आदित्य ठाकरे (वर्ली), सुनील प्रभु (दिंडोशी), भास्कर जाधव (गुहागर) और वरुण सरदेसाई (बांद्रा पूर्व) जैसे नाम शामिल हैं। इन विधायकों की सूची इस प्रकार है:
| क्रम | नाम | निर्वाचन क्षेत्र |
| 1-5 | सिद्धार्थ खरात, गजानन लावटे, नितिन देशमुख, संजय डेरकर, राहुल पाटिल | मेहकर, दरियापुर, बालापुर, वानी, परभणी |
| 6-10 | सुनील राउत, अनंत नार, सुनील प्रभु, हारुन खान, संजय पोटनिस | विक्रोली, जोगेश्वरी पूर्व, दिंडोशी, वर्सोवा, कलिना |
| 11-15 | वरुण सरदेसाई, महेश सावंत, आदित्य ठाकरे, अजय चौधरी, मनोज जमसुतकर | बांद्रा पूर्व, माहिम, वर्ली, सेवरी, बायकुला |
| 16-20 | बाबाजी काले, प्रवीण स्वामी, कैलास पाटिल, दिलीप सोपाल, भास्कर जाधव | खेड़ आलंदी, उमरगा, उस्मानाबाद, बार्शी, गुहागर |
क्या उद्धव ठाकरे इन विधायकों को अपने खेमे में बचाए रखने में कामयाब होंगे, या फिर एकनाथ शिंदे का ‘ऑपरेशन टाइगर‘ ठाकरे परिवार के बचे हुए गढ़ को भी ढहा देगा? अगले 48 घंटे महाराष्ट्र की सियासत के लिए बेहद निर्णायक होने वाले हैं।
