मुंबई: महाराष्ट्र सरकार (Maharashtra Government) अधिकारियों पर कार्रवाई कर सकती है, जिसने पिछले दिनों बीजेपी नेता और पूर्व सांसद किरीट सोमैया (Former MP Kirit Somaiya) को अपनी कुर्सी दे दी थी। उसकी एक तस्वीर सोशल मीडिया (Social Media) पर तेजी से वायरल (Viral) हो गई थी। फोटो में सोमैया शहरी विकास विभाग के कार्यालय में सरकारी अधिकारी के कुर्सी पर बैठे दिख रहे हैं। इस तस्वीर के वायरल होने के बाद महाविकास आघाड़ी गठबंधन के नेताओं ने सोमैया पर निशाना साधना शुरू कर दिया।
कांग्रेस प्रवक्ता सचिन सावंत (Congress Spokesperson Sachin Sawant) ने पूरे मामले की जांच कराए जाने की मांग की है। मंगलवार को इसकी सफाई प्रस्तुत करने के लिए सोमैया को नोटिस थमा दिया। हालांकि सोमैया ने अपनी सफाई में कहा है कि उन्होंने आरटीआई के तहत कुछ जानकारी मांगी थी। उसी सिलसिले में वह मंत्रालय पहुंचे थे। गौरतलब है कि सोमैया ने पिछले दो सालों से एमवीए सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है और आये दिन किसी न किसी घोटाले का पर्दाफाश करने का दावा करते रहते हैं। इसके लिये वे अक्सर आरतीआई फाइल करते रहते हैं।
मविआ सरकारचे डोके ठिकाणावर आहे का?
माहिती अधिकारात फाईलचे निरीक्षण करण्यासाठी गेले तर त्यासाठी थेट माहिती मागणार्यालाच नोटीस!
या अक्कलशून्य सरकारने संपूर्ण लोकशाहीच पायदळी तुडविली आहे.
किरीट सोमय्यांना नोटीस कसली देता, ही नोटीस द्यायला सांगणार्या बोलवित्या धन्यावर कारवाई करा! pic.twitter.com/qu1LRhF1i5 — Devendra Fadnavis (@Dev_Fadnavis) January 25, 2022
विधानसभा में विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस ने इस नोटिस को लेकर महाविकास अघाड़ी सरकार पर तीखा हमला बोला है और पूछा है कि सरकार का दिमाग तो ठिकाने पर है न। ट्वीट कर उन्होंने अपनी नाराजगी जताते हुए कहा कि कोई आरटीआई के तहत फाइल का निरीक्षण करने के लिए जाता है तो सीधे सूचना मांगने वाले को नोटिस! इस तर्कहीन सरकार ने लोकतंत्र को कुचला है। मंत्रालय के हर विभाग में सीसीटीवी है। इससे सब कुछ पता चल जायेगा। पर महाविकास सरकार का दिमाग हमेशा उल्टा चलता है।