

Nitesh Rane Claims Aaditya Thackeray: महाराष्ट्र के मंत्री और भाजपा नेता नितेश राणे ने सोमवार को शिवसेना (यूबीटी) विधायक आदित्य ठाकरे को लेकर दावा किया कि दिशा
सालियान की मौत के मामले में लगाए जा रहे आरोपों के बीच वह देश से बाहर जा चुके हो सकते हैं या विदेश जाने की तैयारी कर रहे हैं। हालांकि, राणे के इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
नितेश राणे ने मुंबई में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर निकाले गए विरोध मार्च का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के नेतृत्व में हुए इस मार्च के दौरान आदित्य ठाकरे मंच पर मौजूद नहीं थे।
राणे के अनुसार, आदित्य की गैरमौजूदगी की वजह बीमारी बताई गई थी। उन्होंने दावा किया कि गिरफ्तारी की आशंका के चलते आदित्य मार्च में शामिल नहीं हुए। हालांकि, यह राणे का राजनीतिक दावा है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है।
राणे ने यह भी कहा कि आदित्य ठाकरे के विदेश जाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि आदित्य के आवास पर जाकर उनकी मौजूदगी की जांच की जानी चाहिए।
दिशा सालियान की मौत के मामले का जिक्र करते हुए राणे ने दावा किया कि मामले से संबंधित एफआईआर और बयानों में आदित्य ठाकरे का नाम सामने आया है। इन दावों पर संबंधित जांच एजेंसियों या अदालत के निष्कर्ष को अंतिम आधार माना जाना बाकी है।
इस बीच, आदित्य ठाकरे ने सोमवार को सोशल मीडिया के जरिए मंगलवार को पुणे में MPSC से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ शामिल होने की जानकारी दी। उन्होंने भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर MPSC अध्यक्ष के इस्तीफे की मांग का समर्थन किया।
आदित्य ठाकरे ने सवाल उठाया कि हजारों छात्रों द्वारा कथित परीक्षा अनियमितताओं के मुद्दे पर MPSC अध्यक्ष के इस्तीफे की मांग किए जाने के बावजूद वह पद पर क्यों बने हुए हैं।
इस पूरे मामले में एक ओर नितेश राणे ने आदित्य ठाकरे की गैरमौजूदगी और उनके संभावित विदेश दौरे को लेकर सवाल उठाए हैं,
वहीं आदित्य ठाकरे ने पुणे शहर में MPSC छात्रों के आंदोलन में शामिल होने की घोषणा की है। ऐसे में दोनों नेताओं के बयानों के बीच महाराष्ट्र की राजनीति में इस मुद्दे पर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है।