Nerul Flamingo Lake पर प्रदूषण का खतरा, जांच में जहरीले पानी का खुलासा
नवी मुंबई के Nerul Flamingo Lake में प्रदूषण को लेकर गंभीर चिंता सामने आई है। जांच में पानी के मानक बेहद खराब पाए गए, जिससे जलजीवों और आर्द्रभूमि की पारिस्थितिकी पर खतरा मंडरा रहा है।
- Written By: अपूर्वा नायक
नेरुल फ्लेमिंगो झील प्रदूषण रिपोर्ट (सौ. सोशल मीडिया )
Nerul Flamingo Lake Pollution Water Test: नेरुल स्थित डीपीएस फ्लेमिंगो झील से सटे नाले के पानी की ताजा प्रयोगशाला जांच ने गंभीर पर्यावरणीय चिंता पैदा कर दी है।
पर्यावरण कार्यकर्ताओं का आरोप है कि अपर्याप्त रूप से शुद्ध किया गया पनवेल महानगर पालिका का गंदा पानी ज्वार भाटा के समय इस संवेदनशील आर्द्रभूमि में पहुंचता है।
जिसका असर समुद्र के जीव जंतुओं पर पड़ रहा है। जांच में पीएच 9।12 पाया गया, जबकि स्वीकार्य सीमा 6.5 से 8.5 है। इसका अर्थ है कि पानी अत्यधिक क्षारीय है, जो जलचर जीवों, सूक्ष्म जीवों और आर्द्रभूमि की पारिस्थितिकी को प्रभावित कर सकता है।
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नालों का मिल रहा जहरीला पानी
एसएसएएस प्रयोगशाला द्वारा जांचे गए नमूने में टोटल डिसोल्वड सॉलि (टीडीएस) 7,950 मिग्रा/लीटर दर्ज किया गया, जो निर्धारित 2,100 मिग्रा/लीटर सीमा से काफी अधिक है। बायोलॉजिकल ऑक्सीजन डिमांड (बीओडी) 36.4 मिग्रा/लीटर पाया गया, जो 30 मिग्रा/लीटर से अधिक है। केमिकल ऑक्सीजन डिमांड (सीओडी) 114.8 मिग्रा/लीटर दर्ज किया गया। प्रयोगशाला ने निष्कर्ष दिया कि यह नमूना आंतरिक जल गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं है।
यह जांच करने वाले नेट कनेक्ट फाउंडेशन ने कहा कि इन निष्कर्षों पर से आर्द्रभूमि और आगे ठाणे खाड़ी की ओर बहने वाले खुले नाले में छोड़े जाने से पहले गंदा पानी शोधन की गुणवत्ता सवाल उठते हैं।
उच्च पीएच स्तर यह दर्शाता है कि पानी अत्यधिक क्षारीय है। इससे जल जीवों पर असर पड़ सकता है। बढ़ा हुआ टीडीएस अतिरिक्त लवण और घुले हुए प्रदूषकों की ओर संकेत करता है, जबकि अधिक बीओडी सेंद्रिय प्रदूषण का संकेत है, जिससे पानी में उपलब्ध ऑक्सीजन कम हो सकती है।
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झील को लेकर पहले भी जताई जा चुकी है चिंता
- नेट कनेक्ट के निदेशक बी एन कुमार का कहना है कि यह कोई सामान्य वर्षा जल नाला नहीं है। ज्वार के समय यह पानी फ्लेमिंगो आर्द्रभूमि तक पहुंचता है। यदि ऐसी गुणवत्ता का पानी प्रणाली में जा रहा है, तो शोधन मानकों और निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
- डीपीएस फ्लेमिगो झील ठाणे क्रीक फ्लेमिंगो अभयारण्य से जुड़े व्यापक जलक्षेत्र तंत्र का हिस्सा है और इसकी स्थिति को लेकर पहले से चिंता जताई जाती रही है। इससे पहले झील के पानी की जांच में भारी सेंद्रिय प्रदूषण, शैवाल वृद्धि और सीवेज मिश्रण जैसे संकेत मिले थे। प्रत्यक्ष निरीक्षण में झाग, तैलीय परत और घनी शैवाल परत भी देखी गई थी।
