NEET Paper Leak आरोपी पर दोहरा वार, CBI की गिरफ्त में मोटेगांवकर, अब पुणे में RCC कैंपस पर चला बुलडोजर
NEET Paper Leak Case के आरोपी शिवराज मोटेगांवकर पर पुणे में प्रशासन का बड़ा एक्शन। करोड़ों का टैक्स बकाया होने और अवैध निर्माण के चलते RCC कोचिंग कैंपस पर चला बुलडोजर, दो संपत्तियां सील।
- Written By: गोरक्ष पोफली
शिवराज मोटेगांवकर व चलता बुलडोजर (सोर्स: सोशल मीडिया)
Bulldozer Action On RCC Classes: NEET-UG पेपर लीक मामले में मुख्य आरोपियों में से एक और कोचिंग संचालक शिवराज मोटेगांवकर की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। एक तरफ जहां सीबीआई (CBI) उन्हें हिरासत में लेकर कड़ी पूछताछ कर रही है, वहीं दूसरी तरफ पुणे मनपा (PMC) ने उनके खिलाफ कड़ा प्रशासनिक रुख अपनाते हुए बुलडोजर कार्रवाई की है।
करोड़ों का टैक्स बकाया और अवैध निर्माण पर एक्शन
पुणे नगर निगम के मुताबिक, मोटेगांवकर से जुड़ी संपत्तियों पर लंबे समय से लगभग 3.20 करोड़ रुपये का प्रॉपर्टी टैक्स बकाया था। नोटिस दिए जाने के बावजूद राशि जमा नहीं की गई। इसके अलावा, जांच में यह भी सामने आया कि कई परिसरों का इस्तेमाल बिना जरूरी मंजूरी और नियमों के उल्लंघन के किया जा रहा था। इसी के आधार पर नगर निगम ने मोटेगांवकर के RCC क्लासेज कैंपस की दो प्रमुख संपत्तियों को सील कर दिया।
JM रोड पर बुलडोजर से ढहाया अवैध ढांचा
मनपा के भवन विभाग ने JM Road स्थित बोरावके बिल्डिंग पर विशेष ध्यान दिया। यहाँ पहली मंजिल पर स्थित एक दुकान को सील किया गया, जहाँ बिना अनुमति के कोचिंग क्लासेज चलाई जा रही थीं। जांच में पाया गया कि इमारत में पार्किंग के स्थान पर अवैध बदलाव किए गए थे और बिना मंजूरी के निर्माण कार्य किया गया था। नियमों की अनदेखी देखते हुए पुणे मनपा ने अवैध निर्माण को बुलडोजर से ढहाने की प्रक्रिया शुरू की।
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मुश्किल में मोटेगांवकर
शिवराज मोटेगांवकर को पिछले हफ्ते ही सीबीआई ने NEET Paper Leak मामले में उनकी कथित भूमिका के लिए गिरफ्तार किया था। इस गिरफ्तारी के तुरंत बाद पुणे प्रशासन ने उनकी संपत्तियों का रिकॉर्ड खंगालना शुरू कर दिया। अधिकारियों का कहना है कि शहर में मोटेगांवकर से जुड़ी अन्य संपत्तियों की भी गहन जांच की जा रही है। यदि कहीं भी नियमों का उल्लंघन या टैक्स की चोरी पाई जाती है, तो कार्रवाई का दायरा और बढ़ाया जाएगा।
नीट परीक्षा विवाद के बाद से ही देश भर में पेपर लीक माफियाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठ रही है। पुणे में हुई यह बुलडोजर कार्रवाई संकेत देती है कि आरोपी अब न केवल कानूनी जांच के घेरे में हैं, बल्कि उनके अवैध आर्थिक साम्राज्य पर भी प्रशासन की पैनी नजर है।
