परतवाड़ा के CCTV बाहर आते हैं, तो अजित दादा के हादसे के क्यों नहीं? अमोल मिटकरी का तीखा सवाल

Amol Mitkari News: अजीत पवार विमान हादसे की जांच पर अमोल मिटकरी ने उठाए सवाल। ब्लैक बॉक्स डेटा और सीसीटीवी फुटेज में देरी पर मुरलीधर मोहोल को घेरा और गिरीश महाजन को 'आदर्श' लेने की सलाह दी।
"If CCTV footage from Paratwada is surfacing, why isn't the footage of Ajit Dada's accident? Amol Mitkari's pointed question."
मुरलीधर मोहोल, अमाेल मिटकरी व गिरीश महाजन (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Amol Mitkari On Ajit Pawar Death Case: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजीत पवार गुट) के वरिष्ठ नेता अमोल मिटकरी ने पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार के विमान हादसे की जांच को लेकर आक्रामक रुख अख्तियार कर लिया है। बारामती के दौरे पर आए मिटकरी ने जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने पूछा कि जब अन्य आपराधिक मामलों के सीसीटीवी फुटेज और वीडियो तुरंत सामने आ जाते हैं, तो अजीत पवार जैसे बड़े नेता के हादसे से जुड़े सबूतों को सार्वजनिक करने में इतनी देरी क्यों हो रही है?

मुरलीधर मोहोल पर साधा निशाना, मांगी माफी

अमोल मिटकरी ने केंद्रीय मंत्री मुरलीधर मोहोल पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया। मिटकरी ने कहा, "मुरलीधर मोहोल ने आश्वासन दिया था कि 15 दिनों के भीतर ब्लैक बॉक्स का डेटा सामने आ जाएगा, लेकिन 4 महीने बीत जाने के बाद भी सच्चाई को दबाकर रखा गया है। उन्होंने तय समय सीमा (Timebound) का पालन नहीं किया, इसलिए उन्हें जनता से माफी मांगनी चाहिए।" मिटकरी ने आगे कहा कि अशोक खरात या परतवाड़ा जैसे मामलों के वीडियो जिस तेजी से वायरल होते हैं, वैसी सक्रियता अजीत दादा के मामले में क्यों नहीं दिख रही?

गिरीश महाजन को अनुशासन का पाठ

नासिक में एक महिला द्वारा मंत्री पर नाराजगी जताने वाले वायरल वीडियो का जिक्र करते हुए मिटकरी ने गिरीश महाजन को नसीहत दी। उन्होंने कहा, अजित पवार सुबह जल्दी काम शुरू करते थे ताकि आम जनता को ट्रैफिक या अन्य समस्याओं का सामना न करना पड़े। गिरीश महाजन को कम से कम अजित दादा से इतना आदर्श तो लेना चाहिए, जिससे जनता को परेशानी न हो और काम समय पर पूरे हों।

कहाँ हैं साहिल मदान और कपूर?

अमोल मिटकरी ने हादसे से जुड़े संदेहास्पद नामों साहिल मदान और कपूर को लेकर भी प्रशासन को घेरा। उन्होंने भावुक होते हुए कहा, हमें यह भी नहीं पता कि साहिल मदान और कपूर जिंदा हैं या मर गए? सरकार उनके बारे में कुछ क्यों नहीं बता रही? यह अजीत दादा का दुर्भाग्य है कि बेंगलुरु में दर्ज एफआईआर को भी तकनीकी कमियों का हवाला देकर वापस भेज दिया गया।

बारामती की जनता में भारी रोष

अमोल मिटकरी ने दावा किया कि बारामती के लोग जांच की कछुआ गति से बेहद नाराज हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक इस मामले की जांच नासिक या अन्य हाई-प्रोफाइल मामलों की तरह तेजी से नहीं की जाती, तब तक संदेह बरकरार रहेगा। अजीत पवार के आकस्मिक निधन के पीछे की सच्चाई जानने के लिए अब पार्टी के भीतर से ही दबाव बढ़ने लगा है।

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