कुरान के नियमों से चले भारत, NCP विधायक सना मलिक के विधानसभा में दिए बयान पर भारी हंगामा
Sana Malik Quran Statement: महाराष्ट्र विधानसभा में तीन तलाक कानून और बहुविवाह को लेकर एनसीपी विधायक सना मलिक और बीजेपी विधायकों के बीच तीखी बहस। सना का वीडियो वायरल हुआ है।
- Written By: अनिल सिंह
भारत में कुरान के कानून की बात करती NCP विधायक सना मलिक (फोटो क्रेडिट-X)
Maharashtra Assembly Row Sana Malik Quran Statement: महाराष्ट्र विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान बुधवार को उस समय भारी हंगामा और तीखी बहस देखने को मिली, जब तीन तलाक कानून के कार्यान्वयन को लेकर लाए गए एक ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर चर्चा हो रही थी। बीजेपी विधायक देवयानी फरांदे द्वारा पेश किए गए इस प्रस्ताव पर अपना पक्ष रखते हुए एनसीपी (अजित पवार गुट) की विधायक सना मलिक ने बहुविवाह और तीन तलाक के नियमों को लेकर सीधे कुरान और पाकिस्तान के कानूनों का हवाला दे दिया। सना मलिक के इस बयान पर बीजेपी विधायकों ने कड़ी आपत्ति जताई, जिसके बाद सदन में सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग तेज हो गई।
बीजेपी विधायक अतुल भातखलकर ने सना मलिक को टोकते हुए दो टूक कहा कि यह देश केवल और केवल बाबासाहेब अंबेडकर के संविधान से चलता है, किसी धार्मिक किताब से नहीं। सना मलिक का बयान सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है और विधानसभा के बाद अब इस को लेकर सोशल मीडिया पर भी हंगामा मचा हुआ है।
MLA FROM BJP’S ALLIANCE PARTNER NCP (AJIT PAWAR) PUSHES FOR POLYGAMY SAYING INDIA SHOULD ACCEPT QURANIC PROVISIONS!
This is what happens when alliances are stitched only to attain power. NCP MLA Sana Malik forgets that India isn’t Pakistan. pic.twitter.com/IjdiJKE7yK — Rahul Shivshankar (@RShivshankar) June 25, 2026
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‘पाकिस्तान में सिर्फ कुरान का कानून लागू’
चर्चा की शुरुआत करते हुए बीजेपी विधायक देवयानी फरांदे ने पड़ोसी देश का उदाहरण देते हुए कहा, “अगर हम 1947 में भारत से अलग हुए पाकिस्तान को देखें, तो वहां बहुविवाह करने के लिए पहली पत्नी की लिखित अनुमति और एक मध्यस्थता परिषद की मंजूरी अनिवार्य है। इसी नियम के कारण वहां बहुविवाह की दर महज 1 प्रतिशत है। जबकि हमारे यहां पिछले डेढ़ महीने में ही मैंने तीन तलाक के 3 मामले खुद देखे हैं।”
इस पर पलटवार करते हुए सना मलिक ने कहा, “पाकिस्तान ने कुछ नया नहीं किया है, उसने सिर्फ कुरान में बताए गए मुस्लिम पर्सनल लॉ को ही संहिताबद्ध किया है। भारत सरकार को भी पाकिस्तान की नकल करने के बजाय सीधे कुरान के प्रगतिशील नियमों को ही देश में लागू करना चाहिए, हम यही मांग कर रहे हैं।”
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तीन तलाक और बहुविवाह पर सना मलिक का तर्क
सना मलिक ने आगे तीन तलाक के प्रकारों का विवरण देते हुए कहा कि इस्लाम में ‘तलाक-ए-हसन’ और ‘तलाक-ए-अहसन’ को मान्यता है, जबकि ‘तलाक-ए-बिद्दत’ (तत्काल तीन तलाक) महज एक सांस्कृतिक प्रथा थी, जिसका कुरान में कोई जिक्र नहीं है। उन्होंने बहुविवाह पर तर्क दिया कि यह प्रथा सिर्फ मुस्लिम समुदाय तक सीमित नहीं है, बल्कि हर धर्म के पुरुषों में मौजूद है, इसलिए नियम सभी के लिए बनने चाहिए।
सना मलिक के इस भाषण पर भड़कते हुए बीजेपी विधायक अतुल भातखलकर ने कहा, “इस ध्यानाकर्षण प्रस्ताव का उद्देश्य सिर्फ यह जांचना था कि तीन तलाक कानून राज्य में सही ढंग से लागू हो रहा है या नहीं। लेकिन माननीय सदस्या यहां पाकिस्तान, कुरान और इस्लामी परंपराओं पर लंबा भाषण दे रही हैं, जिसकी कोई आवश्यकता नहीं है। यह देश संविधान के अनुसार चलेगा।”
“UCC लागू होने के बाद सब पर लागू होंगे नियम”
सदन में बढ़ते हंगामे को शांत करते हुए गृह राज्य मंत्री योगेश कदम ने सरकार का पक्ष रखा। सना मलिक के सवालों का जवाब देते हुए मंत्री कदम ने कहा, “मेरी जानकारी के अनुसार, दूसरे धर्मों के प्रतिनिधियों की ओर से फिलहाल तीन तलाक को लेकर कोई शिकायतें सामने नहीं आई हैं। यह समस्या एक विशेष समुदाय में थी, जिसके चलते केंद्र सरकार ने फोन, मैसेज या ईमेल पर तलाक देने की इस अन्यायपूर्ण प्रथा को रोकने के लिए कड़ा कानून बनाया है।”
सना मलिक को आश्वस्त करते हुए योगेश कदम ने आगे कहा, “सना-ताई, आप बहुविवाह के मुद्दे को लेकर पूरी तरह निश्चिंत रहिए। हमारी सरकार किसी खास धर्म को निशाना नहीं बना रही है। एक बार देश में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू हो जाने के बाद, शादी और तलाक से जुड़े ये सभी प्रगतिशील कानून बिना किसी भेदभाव के सभी नागरिकों पर समान रूप से लागू होंगे।”
