NCP में सब ठीक नहीं, सुनेत्रा पवार में MLA से मांगा इस्तीफा, इदरीस नायकवाड़ी ने किया साफ इनकार
Idris Naikwadi Resignation Sunetra Pawar NCP: अजित पवार की एनसीपी में मची रार; सुनेत्रा पवार की मौजूदगी में विधायक इदरीस नायकवाड़ी से मांगा इस्तीफा, विधायक का इनकार।
- Written By: अनिल सिंह
विधायक इदरीस नायकवाड़ी से विधायक पद छोड़ने का आग्रह (फोटो क्रेडिट-इंस्टाग्राम)
Sunetra Pawar Idris Naikwadi NCP MLA Resignation Controversy: महाराष्ट्र में राज्यसभा चुनावों के ठीक बाद महायुति गठबंधन की प्रमुख सहयोगी पार्टी NCP (अजित पवार गुट) के भीतर का संगठनात्मक ढांचा बिखरता हुआ दिखाई दे रहा है। सूत्रों से मिली प्रामाणिक जानकारी के मुताबिक, जब से पार्टी ने राज्यसभा चुनाव में राजेंद्र जैन को अपना आधिकारिक उम्मीदवार घोषित किया है, तभी से कई वरिष्ठ विधायक और पदाधिकारी इस फैसले से पूरी तरह हैरान और असहमत हैं।
इसी असंतोष के बीच वरिष्ठ नेता और कैबिनेट मंत्री छगन भुजबल की नाराजगी भी खुलकर सामने आ चुकी है और उनके हालिया बयानों को इसी अंदरूनी बगावत से जोड़कर देखा जा रहा है। इसी संकट को टालने और नए समीकरण बनाने के लिए पार्टी ने मुंबई स्थित देवगिरी बंगले पर एक बेहद गोपनीय और महत्वपूर्ण आपातकालीन बैठक बुलाई थी। इस बैठक का मुख्य एजेंडा पार्टी के मौजूदा विधायक इदरीस नायकवाड़ी के राजनीतिक भविष्य और उनके संभावित इस्तीफे को लेकर तय किया गया था।
देवगिरी बंगले पर जुटे NCP के दिग्गज, इस्तीफे के लिए बनाया दबाव
मुंबई के देवगिरी बंगले पर आयोजित हुई इस मैराथन बैठक में पार्टी के सबसे रसूखदार चेहरे शामिल हुए थे। बैठक में मुख्य रूप से उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार, प्रफुल्ल पटेल, प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे और युवा नेता पार्थ पवार मौजूद थे। इन सभी दिग्गजों के बीच विधायक इदरीस नायकवाड़ी को बिठाकर उनके इस्तीफे को लेकर बेहद लंबी और गंभीर चर्चा की गई। सूत्रों का दावा है कि पार्टी के ये सभी वरिष्ठ नेता चाहते थे कि नायकवाड़ी स्वेच्छा से अपने पद का परित्याग कर दें ताकि खाली हुई सीट के जरिए किसी अन्य असंतुष्ट नेता को साधकर पार्टी के भीतर मचे इस बड़े विद्रोह को शांत किया जा सके।
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बड़ी जिम्मेदारी के आश्वासन के बाद भी नायकवाड़ी ने किया मना
बैठक के दौरान नायकवाड़ी को मनाने और राजी करने के लिए वरिष्ठ नेताओं ने रणनीतिक दांव भी चला। उन्हें पार्टी नेतृत्व की ओर से यह लिखित और मौखिक आश्वासन दिया गया कि उनका यह बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। भविष्य में जब भी राजनीतिक नियुक्तियां या सांगठनिक विस्तार होगा, तो पार्टी उनकी भूमिका को और अधिक सुदृढ़ करेगी तथा उन्हें कोई बहुत बड़ा प्रशासनिक या सांगठनिक पद सौंपा जाएगा। हालांकि, तमाम प्रलोभनों और दबाव के बावजूद इदरीस नायकवाड़ी अपने फैसले पर चट्टान की तरह अडिग नजर आए। उन्होंने बेहद कड़े लहजे में पार्टी नेतृत्व को जवाब दिया कि वे जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधि हैं और किसी भी परिस्थिति में अपने विधायक पद से इस्तीफा नहीं देंगे।
आधिकारिक बयान से बच रही राकांपा, आने वाले दिन बेहद महत्वपूर्ण
विधायक इदरीस नायकवाड़ी के इस बेहद आक्रामक और नकारात्मक रुख के बाद देवगिरी बंगले पर चल रही यह महत्वपूर्ण बैठक बिना किसी ठोस नतीजे के ही समाप्त हो गई। इस बगावती रुख के बाद से ही पार्टी के भीतर चल रही अंदरूनी खींचतान अब पूरी तरह से सार्वजनिक हो गई है। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम और ड्रामे पर अभी तक राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के किसी भी अधिकृत प्रवक्ता या शीर्ष नेता की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। लेकिन लगातार सामने आ रही इन गतिविधियों ने यह स्पष्ट संकेत दे दिया है कि विधानसभा चुनावों से ठीक पहले पार्टी के भीतर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है और आने वाले दिनों में नायकवाड़ी का यह फैसला पार्टी को किसी नए राजनीतिक संकट में डाल सकता है।
