Central Railway Non Fare Revenue: मध्य रेलवे ने रेल परिसंपत्तियों के बेहतर उपयोग और पारदर्शी ई-नीलामी से गैर-किराया राजस्व में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की है। वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में रेलवे ने ₹34.30 करोड़ का गैर-किराया राजस्व अर्जित किया है। यह पिछले वर्ष की समान अवधि के ₹30.69 करोड़ की तुलना में 11.76 प्रतिशत अधिक है।
गैर-किराया राजस्व (एनएफएआर) को बढ़ाने के लिए जून 2026 में ई-नीलामी के जरिए 37 अनुबंध दिए गए। इनसे रेलवे को सालाना ₹320.17 लाख का लाइसेंस शुल्क मिलेगा। इन अनुबंधों में शामिल हैं- अन्य विज्ञापन: ₹137.74 लाख, मोबाइल एसेट विज्ञापन: ₹66.23 लाख, रेलवे डिस्प्ले नेटवर्क विज्ञापन: ₹58.65 लाख, आउट-ऑफ-होम विज्ञापन: ₹57.55 लाख।
मुंबई मंडल ने सबसे ज्यादा योगदान दिया। जून में 13 अनुबंधों से ₹152.23 लाख का सालाना शुल्क मिलेगा। इसमें बीएचईएल एसी ईएमयू में एलईडी स्क्रीन विज्ञापन, डेक्कन क्वीन के विस्टाडोम कोच में टीवी विज्ञापन, एलटीटी-जयनगर और सीएसएमटी-बल्लारशा ट्रेनों पर विनाइल रैपिंग, पनवेल-कुर्ला में सैलून, सीएसएमटी-कल्याण-एलट पर बोतल क्रशिंग मशीन और वंदे भारत-राजधानी में लाइफस्टाइल मैगजीन शामिल हैं।
नागपुर 9 अनुबंधों से ₹100.61 लाख जुटाए। नागपुर स्टेशन पर एलईडी बिलबोर्ड, गोधनी-वंजारी नगर में होर्डिंग, अजनी कॉलोनी में वीडियो वॉल, वर्धा-सेवाग्राम-बल्लारशाह में डिजिटल एलईडी टीवी और डीआरएम ऑफिस में स्टाफ कैंटीन इसके प्रमुख हैं।
पुणे मंडल ने 10 अनुबंधों से ₹43.33 लाख कमाए। पुणे-मिरज में मोबाइल कियोस्क, पुणे-साईनगर शिर्डी में डिजिटल लॉकर, शिर्डी में पूजा सामग्री कियोस्क, 8 स्टेशनों पर बैटरी स्वैपिंग, कोल्हापुर में ईवी चार्जिंग और अहमदनगर-मिरज में इमरजेंसी मेडिकल रूम शामिल हैं। भुसावल मंडल ने 4 अनुबंधों से ₹22.65 लाख और सोलापुर मंडल ने पंढरपुर में गैर-डिजिटल विज्ञापन से ₹1.35 लाख का राजस्व हासिल किया।
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मध्य रेल स्टेशन, ट्रेनों, रेल भूमि और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए नए-नए राजस्व स्रोत विकसित कर रहा है। इससे न सिर्फ अतिरिक्त आय हो रही है, बल्कि यात्रियों को बेहतर सुविधाएं भी मिल रही हैं।