महाराष्ट्र की सियासत में फिर महा उलटफेर की आहट! फडणवीस के वर्षा बंगले पर पहुंचे पार्थ पवार
NCP Internal Rift: राकांपा में सुनेत्रा पवार और वरिष्ठ नेताओं प्रफुल्ल पटेल-सुनील तटकरे के बीच वर्चस्व की जंग शुरू। वर्षा बंगले पर आधी रात को पहुंचे पार्थ पवार। पूरी इनसाइड स्टोरी पढ़ें।
- Written By: गोरक्ष पोफली
देवेंद्र फडणवीस व पार्थ पवार (सोर्स: डिजाइन फोटो)
Parth Pawar Meets CM Devendra Fadnavis: महाराष्ट्र की राजनीति से इस समय की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। दिवंगत पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के बाद उनकी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के भीतर की कलह अब खुलकर सड़कों पर आ गई है। अजित पवार के जाने के बाद उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार ने पार्टी की कमान संभाली और खुद को सर्वेसर्वा घोषित किया है।
लेकिन, हाल ही में सुनेत्रा पवार द्वारा चुनाव आयोग को भेजे गए एक पत्र ने पार्टी के भीतर बारूद का काम किया है। इस पत्र में, पार्टी के सबसे कद्दावर और वरिष्ठ नेता प्रफुल्ल पटेल और प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे का नाम राष्ट्रीय कार्यकारिणी से गायब मिला। उन्हें केवल एक साधारण कार्यकारिणी सदस्य के रूप में दिखाया गया।
हालांकि बवाल बढ़ने पर सुनेत्रा पवार ने इसे सोशल मीडिया पर तकनीकी खराबी और पार्टी ने प्रिंटिंग मिस्टेक बताया, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे दोनों वरिष्ठ नेताओं को किनारे लगाने की सोची-समझी रणनीति माना जा रहा है।
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नाराज पटेल-तटकरे की शरद पवार से गुप्त मुलाकात
इस बड़े अपमान से नाराज होकर प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे ने सीधे अपने पुराने गुरु का रुख किया। 12 मई की रात को गुवाहाटी से लौटकर दोनों नेताओं ने बेहद गोपनीय तरीके से शरद पवार के निवास स्थान पर उनसे मुलाकात की। इस बैठक की भनक किसी को नहीं लगने दी गई। जब बारामती दौरे के दौरान शरद पवार से इस बारे में पूछा गया, तो उन्होंने रहस्यमयी चुप्पी साध ली। वहीं, सुनील तटकरे के एक बयान ने महायुति गठबंधन में सस्पेंस और बढ़ा दिया है। तटकरे ने मीडिया से कहा, मेरा 42 वर्षों का राजनीतिक सफर है, जब मुझे बोलना होगा तो मैं बोलूंगा।
भले ही वे ऊपरी तौर पर पार्टी को एनडीए (NDA) में मजबूत करने की बात कर रहे हों, लेकिन उनका यह इशारा साफ करता है कि पटेल और तटकरे अब कोई बहुत बड़ा और चौंकाने वाला फैसला लेने की तैयारी में हैं।
वर्षा बंगले पर पार्थ पवार की एंट्री
पार्टी के भीतर मचे इस घमासान के बीच शनिवार की रात करीब 10 बजे एक और बड़ा मोड़ आया। अजित पवार के बेटे और सांसद पार्थ पवार अचानक अकेले ही मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के आधिकारिक आवास वर्षा पर पहुंच गए। पार्थ पवार और प्रफुल्ल पटेल के बीच विधान परिषद चुनाव के टिकट को लेकर पहले से ही शीतयुद्ध चल रहा है। इस अत्यंत गोपनीय बैठक में किसी भी अन्य वरिष्ठ नेता का मौजूद न होना इस बात का प्रतीक है कि पार्थ पवार अब प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे की बगावत को कुचलने के लिए सीधे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मदद की गुहार लगाने पहुंचे थे।
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क्या है चाणक्य की अगली चाल?
महाराष्ट्र की राजनीति के केंद्र में इस समय मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस हैं। राकांपा के भीतर की यह कलह महायुति गठबंधन की स्थिरता को खतरे में डाल सकती है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि सुनेत्रा और पार्थ पवार अपनी पार्टी पर पूरा नियंत्रण चाहते हैं, जबकि शरद पवार इस मौके का फायदा उठाकर अपने पुराने करीबियों (पटेल-तटकरे) को वापस अपने पाले में ला सकते हैं। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि वर्षा पर हुई इस सीक्रेट मीटिंग के बाद महाराष्ट्र की राजनीति किस करवट बैठती है।
