

Maharashtra Politics Portfolio Dispute: महाराष्ट्र की सत्तारूढ़ महायुति में विभागों के बंटवारे को लेकर एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। राकांपा (अजित पवार गुट) ने अपने हिस्से के वित्त और आपदा प्रबंधन विभाग वापस लेने के लिए भाजपा के शीर्ष नेतृत्व से बातचीत करने का फैसला किया है।
पार्टी नेताओं की योजना केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात करने की है। सत्ता समझौते के तहत वित्त और आपदा प्रबंधन विभाग अजित पवार के नेतृत्व वाली राकांपा के हिस्से में आए थे। अब पार्टी ने इन विभागों को दोबारा हासिल करने के लिए सक्रिय रुख अपनाया है।
बुधवार को उपमुख्यमंत्री और NCP अध्यक्ष सुनेत्रा पवार के आधिकारिक आवास 'देवगिरी' में पार्टी की कोर कमेटी की बैठक हुई। इसमें पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल पटेल, युवा नेता पार्थ पवार और जय पवार सहित कई प्रमुख नेता मौजूद रहे।
बैठक में विभागों की वापसी के साथ-साथ पार्टी के संगठनात्मक विस्तार और आगामी चुनावों की तैयारियों पर भी चर्चा हुई।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी नेताओं ने आगामी जिला परिषद चुनावों को लेकर रणनीति पर विचार-विमर्श किया। इसके अलावा राज्य की 288 विधानसभा सीटों में से 50 विधानसभा क्षेत्रों में मतदान केंद्र स्तर के कार्यकर्ताओं से संवाद बढ़ाने की योजना पर भी चर्चा हुई।
पार्टी नेताओं के अनुसार, अजित पवार के विमान हादसे में निधन के बाद वित्त विभाग की जिम्मेदारी मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को सौंपी गई थी। बताया गया था कि परिस्थितियां सामान्य होने के बाद यह विभाग वापस राकांपा को सौंप दिया जाएगा।
हालांकि, पार्टी की ओर से यह चिंता जताई गई कि आठ महीने बीतने के बावजूद विभाग वापस नहीं मिला है। इसी मुद्दे को लेकर भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के साथ चर्चा करने और विभागों की वापसी की मांग रखने की रणनीति बनाई गई है।
NCP की इस पहल को महायुति के भीतर विभागों के बंटवारे और सत्ता संतुलन के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब अमित शाह और मुख्यमंत्री फडणवीस के साथ प्रस्तावित बैठक के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि वित्त और आपदा प्रबंधन विभाग को लेकर क्या निर्णय लिया जाता है।