NCB ने ड्रग सिंडिकेट के मास्टरमाइंड राहुल शेडगे को किया गिरफ्तार, रायगड में चलाता था सीक्रेट केमिकल लैब
NCB Arrest Drug Smuggler: नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने ड्रग तस्कर राहुल बालकृष्ण शेडगे को पीआईटी-एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार कर तलोजा जेल भेज दिया है। वह 2009 से फैक्ट्री सिंडिकेट चला रहा था।
- Written By: आकाश मसने
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: IANS)
NCB Arrest Drug Smuggler Rahul Shedge: नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने संगठित ड्रग तस्करी नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। एनसीबी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैले ड्रग सिंडिकेट के मास्टरमाइंड राहुल बालकृष्ण शेडगे को हिरासत में ले लिया है। शेडगे को 27 मई को एक गुप्त ऑपरेशन के बाद दबोचा गया, जिसके बाद उसे नवी मुंबई की तलोजा सेंट्रल जेल भेज दिया गया है।
NCB के मुताबिक, यह कार्रवाई भारत सरकार के PTI-NDPS डिवीजन के संयुक्त सचिव द्वारा 14 मई 2026 को जारी निरोध आदेश के तहत की गई। गिरफ्तार आरोपी राहुल बालकृष्ण शेडगे लंबे समय से अवैध नशीले पदार्थों के निर्माण और ड्रग तस्करी के गोरखधंधे में शामिल था। उसे एनसीबी और डीआरआई सहित विभिन्न एजेंसियां अब तक 4 बार गिरफ्तार कर चुकी हैं।
2009 से कर रहा था नशे का कारोबार
जांच एजेंसियों ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि राहुल शेडगे को रसायन विज्ञान की अच्छी-खासी जानकारी है। उसने वर्ष 2009 में ड्रग तस्करी की दुनिया में कदम रखा था, जब डीआरआई मुंबई ने उसे अल्प्राजोलम, नॉर्डाजेपाम, एम्फेटामिन और डाइजेपाम जैसे ड्रग्स से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया था।
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इस मामले में जमानत मिलने के बाद भी शेडगे ने अपना अवैध कारोबार जारी रखा। साल 2012 में एनसीबी मुंबई ने उसे कई शहरों में फैले एक बड़े केटामाइन तस्करी मामले में गिरफ्तार किया था। इसके बाद वर्ष 2018 में डीआरआई मुंबई ने उसे अवैध ड्रग्स बनाने की कोशिश के आरोप में फिर गिरफ्तार किया। हालांकि इसके बावजूद वह ड्रग नेटवर्क से जुड़ा रहा।
रायगड में बनाई थी सीक्रेट लैब
जांच एजेंसियों ने बताया कि शेडगे इतना शातिर था कि उसने एनडीपीएस एक्ट, 1985 के सीधे दायरे में से बचने के लिए एक ऐसा उपाय खोजा, जिससे एजेंसियां भी हैरान है। एनसीबी ने बताया कि वर्ष 2025 में राहुल बालकृष्ण शेडगे को एक ऐसे रसायन के अवैध निर्माण के मामले में गिरफ्तार किया गया, जो केटामाइन बनाने की प्रक्रिया से ठीक एक चरण पहले का केमिकल था। राहुल शेडगे ने महाराष्ट्र के रायगड जिले में एक रासायनिक लैब बनाई थी, जहां वह ऐसा रासायनिक यौगिक तैयार कर रहा था, जो ड्रग उत्पाद से सिर्फ एक कदम नीचे था।
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NCB के मुताबिक, आरोपी की लगातार आपराधिक गतिविधियों को देखते हुए उसके खिलाफ केस दर्ज कर हिरासत में लेने की कार्रवाई की गई। ब्यूरो ने कहा कि यह कार्रवाई संगठित ड्रग सिंडिकेट और आदतन अपराधियों के खिलाफ अभियान का हिस्सा है। एनसीबी ने दोहराया कि वह ‘2047 तक नशा मुक्त भारत’ के लक्ष्य को लेकर प्रतिबद्ध है।
एनसीबी ने लोगों से अपील की है कि ड्रग्स से जुड़ी किसी भी जानकारी को मानस राष्ट्रीय नारकोटिक्स हेल्पलाइन के टोल फ्री नंबर 1933 पर साझा करें। ब्यूरो ने कहा कि सूचना देने वालों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
