Navi Mumbai में युति नहीं, गणेश नाईक बनाम एकनाथ शिंदे की सीधी सियासी टक्कर
Maharashtra News: नवी मुंबई मनपा चुनाव में महायुति सरकार के सहयोगी दल भाजपा और शिंदे शिवसेना आमने-सामने हैं। गणेश नाईक और एकनाथ शिंदे के आक्रामक प्रचार से सियासी घमासान तेज हो गया है।
- Written By: अपूर्वा नायक
एकनाथ शिंदे और गणेश नाईक (सौ. सोशल मीडिया )
Navi Mumbai News In Hindi: राज्य में महायुति की सरकार होने तथा एकनाथ शिंदे और गणेश नाईक मंत्रिमंडल का हिस्सा होने के बावजूद नवी मुंबई महानगरपालिका चुनाव प्रचार के दौरान एक दूसरे पर आक्रामक होते दिखाई देने लगे हैं।
पता हो कि नवी मुंबई में एकनाथ शिंदे की शिवसेना और भाजपा के बीच सीधा मुकाबला है, जिसकी वजह से दोनों नेताओं ने अपना चुनाव प्रचार अभियान तेज कर दिया है।
वन मंत्री गणेश नाईक स्थानीय होने की वजह से कार्यकर्ताओं से दिन-रात संवाद साध रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ नवी मुंबई मनपा में अपनी सत्ता लाने के लिए उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भी रोड शो के माध्यम से मतदाताओं को आकर्षित करने में जुटे हुए हैं।
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चुनाव प्रचार के पहले चरण में ही गणेश नाईक परिवार ने एकनाथ शिंदे की शिवसेना पर हमला बोलना शुरू कर दिया है। इसके साथ ही नवी मुंबई मनपा चुनावों में वन मंत्री गणेश नाईक के खिलाफ शिवसेना ने भी अपना अभियान तेज कर दिया है। शिवसेना के नेताओं ने दावा किया है कि भाजपा के मूल सदस्य उनके साथ हैं। जिसका फायदा उन्हें अवश्य मिलेगा।
पैसों के बल पर नहीं जीता जा सकता चुनाव
मुंबई और ठाणे में महायुति बनाकर चुनाव लड़ते हुए दोनों दलों ने एक-दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप न करने का वादा किया था। हालांकि पिछले कुछ दिनों में शिंदे की शिवसेना और भाजपा के बीच प्रतिस्पर्धा तेज होने के साथ ही, अब दोनों पार्टियां नवी मुंबई में एक-दूसरे के खिलाफ प्रचार करती नजर आ रही हैं।
पत्रकारों से बात करते हुए वन मंत्री नाईक के पूर्व सांसद बेटे संजीव ने दावा किया कि विकास के मामले में नवी मुंबई का मुकाबला महाराष्ट्र का कोई शहर नहीं कर सकता। वहीं, गणेश नाईक ने परोक्ष रूप से शिंदे सेना पर निशाना साधते हुए कहा कि नवी मुंबई के चुनाव पैसों के बल पर नहीं लड़े जा सकते।
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नाईक के आग्रह पर नवी मुंबई में नहीं हुई युति
मुंबई, ठाणे और कल्याण डोंबिवली शहरों में भाजपा-शिंदे सेना गठबंधन बन चुका है, लेकिन नवी मुंबई में गणेश नाईक के आग्रह पर भाजपा नेताओं ने अकेले चुनाव लड़ने का फैसला किया है। नवी मुंबई में सीट आवंटन के संबंध में गणेश नाईक को पूर्ण अधिकार दिए गए थे, इसलिए, भाजपा उम्मीदवारों की सूची में नाईक के वफादार उम्मीदवार शामिल हैं। इसी तरह, अकेले चुनाव लड़ने के इच्छुक एकनाथ शिंदे ने बेलापुर विधानसभा क्षेत्र में रोड शो किया और उम्मीदवारों से बातचीत की साथ ही मतदाताओं से भी संवाद स्थापित किया।
