नवी मुंबई मनपा सदन में हंगामा, लीगल ऑफिसर के निलंबन प्रस्ताव पर शिवसेना का वॉकआउट
Navi Mumbai Municipal Corporation: दीघा के सीवेज ट्रीटमेंट सेंटर प्लॉट विवाद पर चर्चा के दौरान की नवी मुंबई मनपा बैठक में जमकर हंगामा हुआ। लीगल ऑफिसर के निलंबन प्रस्ताव के बाद विपक्ष ने वॉकआउट किया।
- Written By: अपूर्वा नायक
नवी मुंबई महानगरपालिका (सोर्स: सोशल मीडिया)
Navi Mumbai Municipal Corporation News: नवी मुंबई मनपा की सर्वसाधारण बैठक में उस समय हंगामा हो गया, जब लीगल ऑफिसर ने दीघा में सीवेज ट्रीटमेंट सेंटर के प्लॉट के मुद्दे पर चर्चा करने पर आपत्ति जताई, जो कोर्ट में पेंडिंग है।
लीगल ऑफिसर अभय जाधव, जिन्होंने बार-बार कहा था कि कोर्ट में विचाराधीन मामले पर चर्चा नहीं की जा सकती, इस पर उन्हें सस्पेंड करने का प्रस्ताव बहुमत से पास हो गया। इस फैसले का विरोध करते हुए शिवसेना के सदस्य मनपा सदन से वॉकआउट कर गए और मामले को कोर्ट में ले जाने की बात कही। एमआईडीसी द्वारा दीघा में सीवेज ट्रीटमेंट सेंटर के लिए रिजर्व प्लॉट को दूसरे कारणों से बेचने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। संबंधित जमीन पर बन रहे कमर्शियल कंस्ट्रक्शन का मुद्दा पहले भी चर्चा में आ चुका है।
अधिकारी पर सदन को गुमराह करने का आरोप
नवी मुंबई मनपा ने इस प्लॉट को लेकर कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है और मामला अभी कोर्ट में विचाराधीन है। सर्वसाधारण बैठक में नगरसेविका अपर्णा गवते ने यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि प्लॉट मनपा के कब्जे में क्यों नहीं लिया गया, उस समय लॉ ऑफिसर अभय जाधव ने हाउस का ध्यान दिलाया कि मामला कोर्ट में होने की वजह से इस पर चर्चा करना या कोई फैसला लेना सहीं नहीं होगा।
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हालांकि, कुछ सत्ताधारी सदस्यों ने इस पर कड़ा एतराज जताया और इसे सर्वसाधारण बैठक के अधिकारों का उल्लंघन माना, भाजपा नगरसेवक सूरज पाटिल ने जाधव पर हाउस को गुमराह करने का आरोप लगाया और उनके खिलाफ एक्शन लेने की मांग की। इसके बाद हाउस लीडर सागर नाईक के स्टैंड लेने के बाद जाधव को सस्पेंड करने का प्रस्ताव हाउस के सामने रखा गया, सत्ताधारी के बहुमत में होने की वजह से यह प्रस्ताव पास हो गया।
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सेना का सदन से वॉकआउट
- जाधव को निलंबित करने का प्रस्ताव पास होने के बाद, विपक्षी दल के नगरसेवकों ने कड़ा एतराज जताया, शिवसेना सदस्यों ने आरोप लगाया कि एक ज्यूडिशियल मामले पर चर्चा करने पर जोर देते हुए लॉ ऑफिसर के खिलाफ एक्शन लेना नियमों के खिलाफ है।
- शिवसेना नगरसेवक किशोर पाटकर ने हाउस की कार्रवाई का बायकॉट करते हुए आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष लोकतंत्र की प्रक्रिया का पालन नहीं कर रहा है। पत्रकारों से बात करते हुए पाटकर ने दावा किया कि एक ऑफिसर जिसने कोर्ट में चल रहे मामले पर लीगल स्टैंड लिया, उसे सजा दी गई।
