Maharashtra News: महायुति को झटका, नवी मुंबई में भाजपा और शिवसेना आमने-सामने
Maharashtra Local Body Election: नवी मुंबई मनपा चुनाव में भाजपा और शिंदे गुट की शिवसेना के बीच गठबंधन नहीं हो सका है। दोनों दल अलग-अलग चुनाव लड़ेंगे, जिससे त्रिकोणीय मुकाबले के आसार बन गए हैं।
- Written By: अपूर्वा नायक
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: सोशल मीडिया)
Navi Mumbai Municipal Election: नवी मुंबई में महायुति को एक बड़ा झटका लगा है, जानकारी के अनुसार नवी मुंबई मनपा चुनावों में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना और भारतीय जनता पार्टी के बीच कोई गठबंधन नहीं हुआ है।
शिवसेना और भाजपा दोनों पार्टियों में आमने-सामने की लड़ाई होगी। वहीं नवी मुंबई में महाविकास आघाड़ी भी दोनों पार्टियों को टक्कर देने के लिए तैयार है, इसलिए मनपा चुनाव में त्रिकोणात्क लड़ाई के आसार हैं।
इस बार मनपा में उद्धव की शिवसेना, मनसे तथा शरद पवार की एनसीपी मिलकर चुनाव लड़ रही है, जबकि अजीत पवार की एनसीपी का किसी भी पार्टी के साथ गठबंधन नहीं हुआ है, इसलिए वह भी अकेले चुनाव मैदान में उतरने की तैयारी कर रही है।
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युति की संभावना कम होने से वरिष्ठ नेताओं ने दिए थे नामांकन के आदेश
भाजया-शिवसेना के बीच युति की सम्भावना कम होने के बाद वरिष्ठ नेताओं ने अपने उम्मीदवारों को स्वतंत्र रूप से नामांकन पत्र दाखिल करने का निर्देश दिया है।
नवी मुंबई शिवसेना के जिला प्रमुख किशोर पाटकर का कहना है कि सीट बटवारे में भाजपा उन्हें सम्मानजनक सीटें नहीं दे रही थी जिसके बाद पार्टी ने नवी मुंबई मनपा चुनाव अपनी ताकत पर लड़ने का निर्णय लिया है।
सोमवार को युति होने की तमाम अटकलों के बीच भाजपा तथा एकनाथ शिंदे की शिवसेना के कई इच्छुक प्रत्याशियों ने अपना नामांकन दाखिल कर दिया था। नामांकन दाखिल करने वालों में जिला प्रमुख किशोर पाटकर भी शामिल हैं। शिंदे सेना तथा भाजपा के पदाधिकारी शुरुआत से ही अलग अलग चुनाव लड़ने की मांग कर रहे थे।
जानकारी के अनुसार शिवसेना तथा भाजपा नेताओं के बीच युति को लेकर पिछले कई दिनों से बातचीत चल रही थी लेकिन हर बार सीटों के बंटवारे पर बातचीत अटक जाती थी।
शिवसेना ने महानगर पालिका के चुनाव ने 59 सीटों की मांग की थी हालांकि पहली बैठक में फिसटी के फार्मूले से बातचीत शुरू की गई थी लेकिन भाजपा के नेता खासकर वन मंत्री गणेश नाईक आधी सीटें देने के लिए तैयार नहीं थे।
शुरुआत की बैठकों में स्थानीय नेताओं के साथ गणेश नाईक ने किसी प्रकार की कोई बैठक भी नहीं कही थी, बैठकों में बेलापुर की विधायक मंदा म्हात्रे नवी मुंबई भाजपा के जिला अध्यक्ष डॉ राजेश पाटिल तथा शिवसेना की तरफ से सांसद नरेश म्हस्के ने अगुवाई की थी।
नवी मुंबई में शिवसेना को सम्मानजनक सीटें देने के लिए तैयार नहीं है और अब बातचीत करने का समय भी नहीं बचा है इसलिए नवी मुबई में अपने दम पर चुनाव लड़ने का निर्णय लिया गया है।
किशोर पाटकर, जिला प्रमुख, बेलापुर विधानसभा क्षेत्र
18 प्रभागों में 111 सदस्यों के लिए होना है चुनाव
पता हो कि नवी मुंबई मनपा में 18 प्रभागों में 111 सदस्यों के लिए चुनाव होना है। पिछले चुनाव में शिवसेना ने नवी मुंबई मनपा के 38 वाडों में अपनी जीत दर्ज की थी लेकिन 2025 में हो रहे चुनाव से कई पूर्व नगरसेवक शिंदे सेना में शामिल हो चुके हैं जिसकी वजह से शिंदे सेना के पास संख्या बल लगभग 54 तक पहुंच गया है।
इसी कारण शिंदे सेना की तरफ से 59 सीटों पर दावा पेश किया गया था, सूत्रों का कहना है कि भाजपा नवी मुंबई में 38 सीटें देने की बात कर रही थी लेकिन इस पर शिवसेना तैयार नहीं हुई और अपने दम पर चुनाव लड़ने की बात कही है।
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पनवेल में हुई महायुति की घोषणा
पनवेल मनपा के आम चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी, शिवसेना, राष्ट्रवादी कांग्रेस और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया के महायुति की घोषणा आधिकारिक तौर पर की गई। महायुति के नेता एक साथ उपस्थित थे और उन्होंने चुनाव रणनीति और आगे की कार्ययोजना के बारे में अपनी स्थिति स्पष्ट की, बताया गया कि 78 सीटों में से 71 सीटें भाजपा को 4 सीटें शिवसेना को 2 सीटें अजीत पवार की एनसीपी को और 1 सीट रिपब्लिकन पार्टी को मिलेंगी।
