नवी मुंबई में 1.25 करोड़ की अवैध शराब जब्त, सीमेंट बोरियों में छिपाकर हो रही थी तस्करी
Navi Mumbai IMFL Seizure: नवी मुंबई में राज्य उत्पादन शुल्क विभाग ने ट्रक से 1.25 करोड़ रुपये की अवैध शराब जब्त की। सीमेंट की बोरियों के नीचे छिपाकर तस्करी की जा रही थी, दो आरोपी गिरफ्तार हुए हैं।
- Written By: अपूर्वा नायक
नवी मुंबई IMFL ज़ब्ती एक्साइज़ रेड (सौ. Gemini AI)
Navi Mumbai IMFL Seizure Action: राज्य उत्पादन शुल्क विभाग की टीम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए नवी मुंबई में अवैध शराब तस्करी के मामले का पर्दाफाश किया है। ट्रक से करीब 1.25 करोड़ रुपये मूल्य की आईएमएफएल जब्त की गई है।
यह कार्रवाई ठाणे-बेलापुर रोड पर की गई, जहां विभाग के उड़न दस्ते ने खुफिया जानकारी के आधार पर एक संदिग्ध ट्रक को रोका। शुरुआती जांच में ट्रक में सीमेंट की बोरियां लदी हुई दिखाई दीं।
बोरियों के नीचे छिपाई शराब
तलाशी के दौरान अधिकारियों को संदेह हुआ, जिसके बाद गहन जांच में सीमेंट की बोरियों के नीचे छिपाकर रखी गई शराब बरामद हुई। शराब को ट्रक के भीतर बनाए गए विशेष गुप्त हिस्से में रखा गया था, ताकि जांच से बचा जा सके।
सम्बंधित ख़बरें
Mumbai Pune Expressway ‘मिसिंग लिंक’ 1 मई से चालू, सफर होगा 30 मिनट तेज
Pune Metro को बड़ा विस्तार, 4 नए रूट को मिली मंजूरी, उपनगरों तक पहुंचेगी सेवा
Pune Riverfront Project पर जांच के आदेश, कचरा प्रबंधन विभाग का ऐतिहासिक बंटवारा
Mumbai Cyber Fraud: ‘डिजिटल अरेस्ट’ का डर दिखाकर 1.10 करोड़ की ठगी, मुंबई में बुजुर्ग परिवार बना शिकार
गोवा से लाई गई थी शराब
अधिकारियों के अनुसार जब्त की गई आईएमएफएल गोवा में निर्मित विभिन्न ब्रांड की थी। इसे अवैध रूप से परिवहन कर मध्य प्रदेश में बेचने की योजना थी।
दो आरोपी गिरफ्तार
इस मामले में पुलिस ने ट्रक चालक समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है और तस्करी के नेटवर्क का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।
अधिकारी ने दी जानकारी
कार्रवाई की जानकारी देते हुए प्रवीण तांबे ने बताया कि शराब को बेहद चतुराई से छिपाया गया था, लेकिन टीम की सतर्कता से तस्करी का प्रयास विफल कर दिया गया।
ये भी पढ़ें :- Mumbai Pune Expressway ‘मिसिंग लिंक’ 1 मई से चालू, सफर होगा 30 मिनट तेज
जांच जारी
फिलहाल मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है। अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि इस अवैध कारोबार के पीछे और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
