
महाराष्ट्र सीएम देवेंद्र फडणवीस (डिजाइन फोटो)
Maharashtra Public Opinion: महाराष्ट्र के कोने-कोने में फैले नवभारत नवराष्ट्र के लाखों पाठकों के बीच 15 नवंबर से 20 नवंबर के बीच यह सर्वे कराया गया। नवभारत के माध्यम से नागपुर, मुंबई, पुणे, ठाणे, नाशिक, संभाजीनगर, अमरावती, अकोला, चंद्रपुर के शहरी इलाकों में और नवराष्ट्र के माध्यम से राज्य के सभी जिला मुख्यालय, तहसील और 1268 गांवों में यह सर्वे कराया गया, पाठकों ने इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
नवभारत के सर्वे में 72 फीसदी से ज्यादा शहरी पाठकों का समावेश था, वहीं नवराष्ट्र के पाठकों में 63 फीसदी ग्रामीण नागरिकों ने अपनी बेबाक राय प्रकट की। महाराष्ट्र के प्रमुख उद्योगपति, प्रमुख कारोबारी, उनके संगठन के प्रमुख पदाधिकारी के अलावा विभिन्न शहरों में सक्रिय सामाजिक संगठनों से जुड़े लोगों और विशेष रूप से कॉलेज जाने वाले युवाओं की राय जानने का प्रयास किया गया। सभी आय वर्ग के साथ हर तबके के लोगों से प्रत्यक्ष मिलकर परामर्श किया गया। इस सर्वे में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के कार्यों पर 67 प्रतिशत लोगों ने भरोसा जताया।
महाराष्ट्र पुलिस दल में लगभग 15 हजार सिपाही पदों पर भर्ती की जाने वाली है। इस भर्ती में वर्ष 2022 और 2023 में निर्धारित आयुसीमा पार कर चुके उम्मीदवारों को भी एक बार के विशेष प्रावधान के तहत आवेदन करने और प्रक्रिया में शामिल होने की अनुमति दी गई है। राज्य के पुलिस विभाग में वर्ष 2024 के दौरान खाली रहे पदों तथा वर्ष 2025 में रिक्त होने वाले पदों को मिलाकर यह भर्ती की जा रही है।
इसमें शामिल पद इस प्रकार हैं। पुलिस सिपाही- 12,399 पद, पुलिस सिपाही चालक-234 पद, बैडस मैन-25 पद, सशस्त्र पुलिस सिपाही 2,393 पद, कारागृह सिपाही 580 पद इस प्रकार कुल संख्या 15,631 पद होती है। पुलिस सिपाही और कारागृह सिपाही ये पदगट-क वर्ग में आते हैं।
रिपोर्ट डेटा (सौजन्य-नवभारत)
कैंसर पीड़ितों को बेहतर और मानक उपचार उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार ने सर्वसमावेशी कैंसर सेवा नीति निर्धारित की है। इसके लिए महाराष्ट्र कैंसर केयर, रिसर्च एंड एजुकेशन फाउंडेशन की स्थापना की गई है। राज्यभर के 18 अस्पतालों में कैंसर से संबंधित विशेष उपचार सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी। इसरो राज्य में कैंसर-संबंधित हे-केयर केंद्रों की संख्या में बड़ी वृद्धि होने की संभावना है।
नागपुर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट से प्रभावित नागरिकों को होम स्वीट होम’ योजना के तहत पुनापुर मौजा में दिए गए घरों की लीज डीड रजिस्ट्रेशन के लिए 1,000 रुपये स्टांप शुल्क लेने को मंजूरी दी गई है। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट से प्रभावित 28 परिवारों को घरों का आवंटन किया गया है।
पहले इन घरों की दस्त रजिस्ट्रेशन के लिए 40-45 हजार रुपये तक स्टांप शुल्क देना पड़ता था, प्रधानमंत्री आवास योजना के घरी पर मात्र 1,000 रुपये स्टांप शुल्क लिया गया था। उसी आधार पर अब स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट से प्रभावित नागरिकों को भी स्टांप शुल्क में बड़ी राहत दी गई है।
नवभारत सर्वे
राज्य के विकास को आधुनिक विज्ञान और तकनीक से जोड़कर एकीकृत और योजनाबद्ध गतह देने हेतु महाजीओटेक महामंडल स्थापित किया जाएगा। यह महामंडल कंपनी कानून के अंतर्गत बनाया जाएगा और इसके लिए 106 नए पद सृजित करने को मंजूरी दी गई है। महाराष्ट्र रिमोट सेंसिंग एप्लीकेशन सेंटर यानी महाराष्ट्र सुदूर संवेदन उपयोग केंद्र को कायम रखते हुए यह नया महामंडल स्थापित किया जा रहा है।
यह भी पढ़ें –
राज्य में झोपड़पट्टी पुनर्वास को गति देने और महाराष्ट्र को झोपड़पट्टी-मुक्त बनाने के लिए महाराष्ट्र झोपड़पट्टी क्षेत्र सुधार और पुनर्वसन कानून में संशोधन को मंजूरी दी गई है। मौजूदा कानून के अनुसार झोपड़पट्टी घोषित जमीन पर मालिक, डेवलपर या सहकारी संस्था को 120 दिनों के भीतर पुनर्वास का प्रस्ताव देना अनिवार्य था। अब यह अवधि 60 दिन की की जाएगी। यदि 60 दिनों में प्रस्ताव नहीं दिया गया, तो उस झोपडपट्टी क्षेत्र के पुनर्विकास का काम अन्य प्राधिकरण को सौंपा जा सकेगा।
नवभारत सर्वे
महाराष्ट्र गृह निर्माण नीति 2025 को मंजूरी दे दी गई है। ‘मेरा घर, मेरा अधिकार’ इस मूल भावना पर आधारित यह नीति वर्ष 2030 तक राज्य के प्रत्येक नागरिक को स्थायी, सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल घर उपलब्ध कराने का संकल्प प्रस्तुत करती है। इस नीति में डाटा आधारित निर्णय प्रक्रिया, आधुनिक तकनीक का उपयोग, तेजी, पारदर्शकता सामाजिक समावेशन इन तत्वों को विशेष महत्व दिया गया है।
यह भी पढ़ें – Navbharat Research: इंफ्रास्ट्रक्चर से डिजिटल गवर्नेंस तक…फडणवीस सरकार के काम पर क्या बोली जनता?
राज्य में सड़कों, पुलों तथा अन्य आधारभूत प्रकल्पों को गति देने और पूंजी जुटाने के उद्देश्य से ‘महा इनविट’ की स्थापना की गई है। इस निर्णय से आधारभूत ढांचे के विकास हेतु नई फंडिंग व्यवस्था उपलब्ध होगी। निजी एवं सार्वजनिक निवेशकों को स्थिर रिटर्न का अवसर मिलेगा। महा इनविट स्थापित करने वाला महाराष्ट्र देश का पहला राज्य बन गया है।
नवभारत सर्वे
केंद्र सरकार की राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन संस्था (NIDM) की तर्ज पर नागपुर में राज्य आपदा प्रबंधन संस्था (SIDM) स्थापित की जाएगी। राज्य में होने वाली प्राकृतिक एवं मानव-निर्मित आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए आपदा पूर्व तैयारी, जोखिम व संवेदनशीलता कम करने आपदा के बाद सहायता, राहत व पुनर्वास, पुनर्निर्माण, आपदा प्रतिक्रिया, प्रशिक्षण इन सभी कार्यों का नियोजन और प्रबंधन राज्य आपदा प्रबंधन संस्था (SIDM) द्वारा किया जाएगा।
फॉरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय के नागपुर स्थित उपकेंद्र के लिए मौजा चिंचोली (ता. कामठी, जि. नागपुर) में 20 हेक्टेयर 23 आर जमीन देने का निर्णय लिया गया है। केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय के अंतर्गत गुजरात के गांधीनगर में स्थित यह विश्वविद्यालय अंतरराष्ट्रीय स्तर का एकमात्र संस्थान है। इसका उपकेंद्र नागपुर में आरंभ किया जा रहा है।






