नरहरी झिरवल वीडियो विवाद का अशोक खरात से है कनेक्शन! NCP नेता अमोल मिटकरी ने खोले कई राज

Narhari Zirwal Video Leak: महाराष्ट्र की राजनीति में नरहरी झिरवल का पुराना वीडियो लीक होने से हड़कंप मच गया है। अमोल मिटकरी ने इसे 'मीडिया ट्रायल' और अपनों की ही गहरी साजिश करार दिया है।
Amol Mitkari On Narhari Zirwal Controversy
अमोल मिटकरी व नरहरी झिरवल (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Amol Mitkari On Narhari Zirwal Controversy: महाराष्ट्र की राजनीति में इस समय एक कथित आपत्तिजनक वीडियो ने सियासी पारा गरमा दिया है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता और राज्य के खाद्य एवं औषधि प्रशासन मंत्री नरहरी झिरवल एक बड़े विवाद के केंद्र में आ गए हैं। एक ट्रांसजेंडर व्यक्ति के साथ उनका कथित अश्लील वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विपक्षी दलों ने आक्रामक रुख अपना लिया है और झिरवल के इस्तीफे की मांग तेज कर दी है। वहीं, दूसरी ओर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) का दावा है कि यह वीडियो मंत्री झिरवल को फंसाने के लिए जानबूझकर साजिश के तहत सामने लाया गया है।

क्या है वायरल वीडियो में?

गुरुवार रात से सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि मंत्री झिरवल एक सरकारी आवास में एक ट्रांसजेंडर व्यक्ति के साथ मौजूद हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वीडियो में दिखने वाली व्यक्ति 'पवन यादव' नामक एक ट्रांसवुमन है, और उसके भाई ने ही इस मामले को उजागर किया है। इस मामले में एक चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब पता चला कि पवन यादव के खिलाफ मुंबई के कुरार पुलिस स्टेशन में जबरन वसूली के मामले दर्ज हैं।

क्या बोले अमोल मिटकरी?

इस वीडियो के सामने आने के बाद राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता अमोल मिटकरी ने झिरवल का बचाव करते हुए इसे एक बड़ी साजिश और 'मीडिया ट्रायल' करार दिया है। मिटकरी का आरोप है कि जब कुछ लोगों का 'ढोंगी बाबाओं' के साथ धार्मिक संबंध उजागर होने लगा, तो ध्यान भटकाने के लिए यह पुराना वीडियो बाहर लाया गया। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि झिरवल ने सुनेत्रा पवार को बड़ी जिम्मेदारी देने की मांग की थी, जिसके बाद उनके कार्यालय पर एसीबी का ट्रैप लगाया गया और अब यह वीडियो लीक किया गया है। मिटकरी के अनुसार, यह अशोक खरात मामले से ध्यान हटाने के लिए की गई 'गंदी राजनीति' का हिस्सा है।

अमोल मिटकरी का सोशल मीडिया पोस्ट

मिटकरी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट करते हुए लिखा कि "यह कैसे हुआ कि झिरवल का एक वीडियो जो लगभग छह या सात महीने पहले रिकॉर्ड किया गया था, अचानक अब सामने आया है, ठीक उसी समय जब कुछ व्यक्तियों के धोखेबाज बाबाओं के साथ धार्मिक संबंधों का पर्दाफ़ाश हो रहा है? असल में झिरवल ही वह पहले व्यक्ति थे जिन्होंने यह इच्छा ज़ाहिर की थी कि सुनेत्रा वाहिनी को राज्य का उपमुख्यमंत्री और एनसीपी का राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया जाए।"

एनसीपी नेता ने आगे लिखा कि "इसके बाद, उनके दफ़्तर में ACB का एक जाल बिछाया गया, और अब रिकॉर्ड किए जाने के सात महीने बाद इस वीडियो को मीडिया के सामने जारी कर दिया गया है। पहले, एक ईमानदार व्यक्ति के खिलाफ बदनामी का अभियान और उसके बाद मीडिया ट्रायल... ये 'छिपे हुए साजिशकर्ता' कौन हैं जो अपने ही लोगों के बीच से काम कर रहे हैं?"

अमोल मिटकरी ने संदेह जताते हुए लिखा कि यह पूरा घटनाक्रम और इस तरह की घटिया राजनीति एक सोची-समझी चाल है। मिटकरी ने विरोधियों पर निशाना साधते हुए लिखा कि जिन लोगों ने अशोक खरात मामला सामने लाया अब यह उन्हें पर भारी पड़ रहा है। इसलिए खुद से ध्यान भटकाने के लिए ऐसी घटिया राजनीति की जा रही है।

झिरवल 'नॉट रिचेबल'

इधर इस पूरे विवाद के बीच मंत्री नरहरी झिरवल फिलहाल 'नॉट रिचेबल' हैं और उनके दोनों मोबाइल फोन बंद आ रहे हैं। उनके कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि उन्हें ऐसे किसी भी वीडियो की जानकारी नहीं है। चर्चा है कि झिरवल ने इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की है। रिश्वतखोरी के आरोपों के बाद अब इस नए स्कैंडल ने झिरवल के राजनीतिक भविष्य पर सवालिया निशान खड़े कर दिए है।

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