महाराष्ट्र के बाढ़ प्रभावित किसानों के लिए नरेडको आया आगे, दिए 3.12 करोड़
NAREDCO Maharashtra: नरेडको महाराष्ट्र ने बाढ़ पीड़ित किसानों के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष में 3.12 करोड़ का योगदान दिया। कोल्हापुर, सांगली, और सातारा में बाढ़ से हुई तबाही के लिए मदद।
- Written By: अर्पित शुक्ला
महाराष्ट्र के बाढ़ प्रभावित किसानों के लिए नरेडको आया आगे, दिए 3.12 करोड़
Mumbai News: राज्य के बाढ़ पीड़ित किसानों की मदद के लिए नेशनल रियल एस्टेट डेवलपमेंट काउंसिल (नरेडको) महाराष्ट्र ने आगे आते हुए मुख्यमंत्री राहत कोष में 3.12 करोड़ का योगदान दिया है. यह राशि राज्य भर में बाढ़ से प्रभावित किसानों की राहत और पुनर्वास कार्यों के लिए सीएम रिलीफ फंड में दी गई है.
नरेडको के नेशनल चेयरमैन डॉ निरंजन हीरानंदानी, उपाध्यक्ष राजन बांदेलकर,महाराष्ट्र के अध्यक्ष प्रशांत शर्मा, मंजू यागनिक,कमलेश ठाकुर,गोपाल नारंग,सचिन गुंजाल,आशीष रहेजा, अशोक मोहनानी,हितेश भगतानी,अस्पन कूपर,नवीन माखीजा एवं अन्य पदाधिकारियों व सदस्यों की मदद से मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को राहत चेक राशि सौंपी गई.
मदद के लिए नरेडको आया आगे
हाल ही में हुई भीषण बारिश और अचानक आई बाढ़ ने कोल्हापुर, सांगली, सातारा, नासिक, रायगढ़ और रत्नागिरी जैसे प्रमुख कृषि जिलों में भारी तबाही हुई. हजारों हेक्टेयर खेत बर्बाद हो गए, घर जलमग्न हो गए और अनेक परिवारों की आजीविका पर संकट आ गया. इस आपदा में मदद के लिए नरेडको महाराष्ट्र भी पीछे नहीं रहा.
सम्बंधित ख़बरें
‘ममता का खेल खत्म और अहंकार चूर’, बंगाल में भाजपा की प्रचंड जीत पर नवनीत राणा का करारा प्रहार
अशोक खरात मामला: प्रतिभा चाकणकर की ED के सामने पेशी, 2.40 करोड़ के संदिग्ध लेनदेन पर जवाब तलब
Pune Kondhwa Murder Case: पुणे के कोंढवा में शराब के विवाद में युवक की हत्या, पत्थर मारकर ली जान
पंढरपूर के लिए बड़ी सौगात: 4,000 करोड़ के विकास परियोजना को मंजूरी, जल्द शुरू होगा कॉरिडॉर का काम
1 करोड़ पुणे के सदस्यों द्वारा दिया गया, जबकि शेष राशि मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर) के नरेडको महाराष्ट्र सदस्यों द्वारा सामूहिक रूप से प्रदान किया गया. लगभग 20 सदस्यों के सामूहिक प्रयास से दी गई.
यह भी पढ़ें- महाराष्ट्र की सारी जेलें भर दो…हम सड़क से नहीं हटेंगे, बच्चू कडू ने सरकार को ललकारा
किसान हमारी अर्थव्यवस्था की रीढ़ – डॉ हीरानंदानी
डॉ निरंजन हीरानंदानी ने कहा कि कृषि और किसान हमारे देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं. कृषि के बाद सबसे ज्यादा रोजगार देश का रियल एस्टेट सेक्टर देता है. नरेडको महाराष्ट्र के अध्यक्ष प्रशांत शर्मा ने कहा,“महाराष्ट्र के किसान हमारे अन्नदाता एवं राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, जो लाखों लोगों को पोषण और शक्ति प्रदान करते हैं. मुसीबत में उनकी मदद के लिए हम राज्य सरकार के साथ हैं. मुख्यमंत्री राहत कोष में हमारे इस विनम्र योगदान के माध्यम से हम अपने किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहना चाहते हैं.
