Sangli ZP Election 2026 (फोटो क्रेडिट-X)
MVA Victory Sangli: महाराष्ट्र की राजनीति में ‘ऑपरेशन लोटस’ और जोड़-तोड़ की चर्चाओं के बीच सांगली जिला परिषद की सत्ता का संघर्ष बेहद नाटकीय मोड़ पर समाप्त हुआ। सांगली जिला परिषद में आखिरकार महाविकास आघाड़ी (MVA) ने अपना परचम लहरा दिया है, जहां राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की संगीता पाटिल अध्यक्ष और कांग्रेस के ऋषिकेश लाड उपाध्यक्ष पद पर निर्वाचित हुए हैं। हालांकि, इस जीत से पहले जिले में भारी राजनीतिक ड्रामा देखने को मिला, जिसमें अपहरण के आरोपों से लेकर पुलिस छापेमारी तक की घटनाएं शामिल रहीं।
सत्ता संघर्ष के दौरान भाजपा और महाविकास आघाड़ी के बीच कांटे की टक्कर को देखते हुए एमवीए ने अपने सदस्यों को टूटने से बचाने के लिए ‘रिजॉर्ट पॉलिटिक्स’ का सहारा लिया था। सभी सदस्यों को कराड के एक निजी होटल में सुरक्षित रखा गया था। इसी बीच, भाजपा के पूर्व सांसद संजयकाका पाटिल ने सनसनीखेज आरोप लगाया कि राष्ट्रवादी कांग्रेस के चार सदस्यों का अपहरण कर उन्हें जबरन बंधक बनाया गया है। इन आरोपों ने जिले के राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी और मामला सीधे पुलिस प्रशासन तक जा पहुंचा।
संजयकाका पाटिल की शिकायत के बाद पुलिस की एक टीम तुरंत कराड के उस होटल पहुंची जहां राष्ट्रवादी के सदस्य रुके हुए थे। पुलिस ने वहां मौजूद चारों सदस्यों से गहन पूछताछ की कि क्या उन्हें वहां जबरन लाया गया है या उनके साथ कोई आर्थिक लेनदेन हुआ है। हालांकि, सदस्यों ने पुलिस को स्पष्ट किया कि उनका कोई अपहरण नहीं हुआ है और वे अपनी मर्जी से पार्टी के आदेशानुसार वहां रुके हैं। इस बयान के बाद अपहरण का दावा कमजोर पड़ गया, लेकिन सदस्य शशिकांत जमदाडे और विनायक मसाल अंततः संजयकाका पाटिल के साथ चले गए।
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पूर्व सांसद संजयकाका पाटिल को उम्मीद थी कि वे राष्ट्रवादी के सभी छह असंतुष्ट सदस्यों को अपने पाले में लाने में सफल रहेंगे, जिससे भाजपा जिला परिषद की सत्ता पर कब्जा कर सकेगी। लेकिन राष्ट्रवादी कांग्रेस के अन्य वरिष्ठ नेताओं की घेराबंदी और सदस्यों के महाविकास आघाड़ी के प्रति अडिग रहने के फैसले ने भाजपा की योजना पर पानी फेर दिया। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि सांगली में भाजपा का ‘ऑपरेशन लोटस’ पूरी तरह विफल साबित हुआ क्योंकि बहुमत का आंकड़ा एमवीए के पक्ष में बना रहा।
बुधवार को अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के चुनाव के लिए विशेष सभा आयोजित की गई थी। किसी भी संभावित खरीद-फरोख्त से बचने के लिए महाविकास आघाड़ी के सदस्य सीधे कराड के होटल से कड़ी सुरक्षा के बीच सांगली जिला परिषद कार्यालय पहुंचे। चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद जब संगीता पाटिल और ऋषिकेश लाड के नामों की घोषणा हुई, तो एमवीए कार्यकर्ताओं ने जमकर जश्न मनाया। इस जीत ने सांगली जिले में महाविकास आघाड़ी की पकड़ को और मजबूत कर दिया है, जबकि भाजपा को अपनी रणनीति पर पुनर्विचार करने के लिए मजबूर होना पड़ा है।