MP के रेलवे स्टेशनों पर अब 'ड्राइव-इन सिनेमा' का रोमांच, अमृत भारत योजना से बदलेगी 15 स्टेशनों की तस्वीर

Amrit Bharat Station Scheme: अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत भोपाल मंडल के 15 रेलवे स्टेशनों पर ड्राइव-इन सिनेमा, गेमिंग जोन, डिजिटल एक्सपीरियंस सेंटर और आधुनिक व्यावसायिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
MP Drive-In Cinema Railway Stations
भोपाल जंक्शन (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
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MP Drive-In Cinema Railway Stations : मध्य प्रदेश के रेलवे स्टेशनों की पहचान अब केवल यात्रियों के आवागमन तक सीमित नहीं रहेगी। भारतीय रेलवे के भोपाल मंडल ने अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 15 प्रमुख स्टेशनों को आधुनिक सुविधाओं से लैस बहुआयामी शहरी केंद्रों के रूप में विकसित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। इस पहल के तहत स्टेशनों पर ड्राइव-इन सिनेमा, गेमिंग जोन, डिजिटल एक्सपीरियंस सेंटर और व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इन स्टेशनों को व्यापार, मनोरंजन, पर्यटन और यात्री सुविधाओं के नए केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य यात्रियों को बेहतर अनुभव प्रदान करने के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा देना है।

स्टेशनों पर मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं

पुनर्विकास योजना के तहत यात्रियों और स्थानीय नागरिकों के लिए कई नई सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इनमें ड्राइव-इन सिनेमा सबसे आकर्षक पहल मानी जा रही है, जहां लोग अपनी कार में बैठकर फिल्म का आनंद ले सकेंगे। इसके अलावा गेमिंग जोन, बच्चों के मनोरंजन केंद्र, आधुनिक लाउंज, मल्टीफंक्शनल कॉम्प्लेक्स, डिजिटल बैंकिंग यूनिट्स, ई-लॉबी, एटीएम और डिजिटल एक्सपीरियंस सेंटर भी विकसित किए जाएंगे।

15 स्टेशनों का हो रहा कायाकल्प

योजना के अंतर्गत नर्मदापुरम और शाजापुर रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास कार्य पूरा हो चुका है और उनका लोकार्पण भी किया जा चुका है। वहीं हरदा, खिरकिया, बनापुरा, इटारसी, सांची, विदिशा, गंजबासौदा, अशोकनगर, गुना, रुठियाई, शिवपुरी, ब्यावरा-राजगढ़ और संत हिरदाराम नगर सहित 13 अन्य स्टेशनों पर तेजी से कार्य चल रहा है।

व्यापार और निवेश के नए अवसर

रेलवे प्रशासन ने स्टार्टअप्स, कंपनियों और व्यावसायिक संस्थानों को इन स्टेशनों पर निवेश और व्यावसायिक गतिविधियों के लिए आमंत्रित किया है। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ कटारिया ने बताया कि रेलवे पारंपरिक व्यावसायिक गतिविधियों के साथ-साथ नवाचारी अवधारणाओं को भी प्रोत्साहित कर रहा है। इच्छुक संस्थान व्यावसायिक स्थानों के लिए अपने प्रस्ताव प्रस्तुत कर सकते हैं, जिनका परीक्षण रेलवे बोर्ड के दिशा-निर्देशों के अनुसार किया जाएगा और बाद में ई-नीलामी प्रक्रिया के माध्यम से आवंटन होगा।

विकसित भारत 2047 की दिशा में कदम

रेलवे का मानना है कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत किए जा रहे ये बदलाव स्टेशनों को आधुनिक शहरी केंद्रों में बदलने के साथ-साथ क्षेत्रीय विकास, पर्यटन संवर्धन और आर्थिक गतिविधियों को नई गति देंगे। आने वाले समय में ये स्टेशन केवल यात्रा के केंद्र नहीं, बल्कि व्यापार, मनोरंजन और सामाजिक गतिविधियों के प्रमुख हब के रूप में भी पहचान बनाएंगे।
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