अस्पताल में VIP ट्रीटमेंट, लेकिन कोर्ट में नो-कांप्रोमाइज! पार्षद रमेश म्हात्रे की वीडियो कॉल वाली अर्जी खारिज

Shastrinagar Hospital Doctor Attack: डॉक्टरों से मारपीट के आरोपी शिवसेना पार्षद रमेश म्हात्रे को कल्याण कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने अस्पताल से वीडियो कॉल के जरिए पेशी की अर्जी खारिज कर दी है।
ramesh mhatre video call plea rejected by kalyan court
पार्षद रमेश म्हात्रे (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Ramesh Mhatre Video Call Plea Rejected: कल्याण-डोंबिवली के शास्त्रीनगर अस्पताल में डॉक्टरों और नर्सों के साथ सरेआम बदसलूकी और मारपीट करने वाले शिवसेना शिंदे गुट के पार्षद रमेश म्हात्रे की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। ताजा अपडेट के अनुसार, कल्याण कोर्ट ने म्हात्रे की उस याचिका को सिरे से खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने अस्पताल में भर्ती होने के कारण वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में हाजिर होने की मांग की थी।

इस न्यायिक प्रक्रिया पर रोशनी डालते हुए रमेश म्हात्रे के वकील रमेश पाथकी ने बताया कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की अर्जी नामंजूर कर दी गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक डॉक्टरों द्वारा फिटनेस सर्टिफिकेट नहीं दिया जाता और डॉक्टर यह सहमति नहीं देते कि उन्हें ले जाया जा सकता है, तब तक आरोपी अस्पताल में ही डॉक्टरों की निगरानी में रहेगा। वकील के अनुसार, कोर्ट का रुख साफ है कि जब तक आरोपी खुद न्यायाधीश के सामने पेश नहीं किया जाता, तब तक कानूनी रूप से उसकी कस्टडी पर कोई फैसला नहीं लिया जा सकता।

क्या है पूरा विवाद?

यह शर्मनाक घटना 6 जुलाई 2026 को घटी, जब शास्त्रीनगर सरकारी अस्पताल में एक गर्भवती महिला को लाया गया था। डॉक्टरों ने मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए और एनआईसीयू बेड उपलब्ध न होने के कारण परिजनों को किसी अन्य अस्पताल जाने की सलाह दी। इसी बात पर गुस्साए परिजनों ने शिवसेना शिंदे गुट के पार्षद रमेश म्हात्रे को बुला लिया। म्हात्रे ने अपने समर्थकों के साथ अस्पताल में घुसकर डॉ. वैभव सालुंखे और एक महिला डॉक्टर के साथ हाथापाई की और महिला डॉक्टर का मोबाइल छीनकर जमीन पर पटक दिया, जिसका सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है।

गिरफ्तारी के बाद इलाज का सहारा?

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के भारी विरोध और जिले के अस्पताल बंद करने की चेतावनी के बाद विष्णुनगर पुलिस ने म्हात्रे को गिरफ्तार किया। हालांकि, गिरफ्तारी की औपचारिकता पूरी होते ही म्हात्रे ने सीने में दर्द और बेचैनी की शिकायत की, जिसके बाद उन्हें ठाणे के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया। विपक्षी दलों ने इसे जेल से बचने का वीआईपी ट्रीटमेंट करार दिया है।

इस मामले में खुद सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे ने भी म्हात्रे के कृत्य से पल्ला झाड़ते हुए इसकी निंदा की है। अब पुलिस को डॉक्टरों के फिटनेस सर्टिफिकेट का इंतजार है, ताकि आरोपी को कोर्ट में पेश कर उसकी रिमांड मांगी जा सके।

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