नागपुर में अवैध मोबाइल टावरों का मुद्दा विधानसभा में गूंजा, 90 दिनों में नई नीति लाएगी सरकार
Maharashtra Mobile Tower Policy Plan: नागपुर में बड़ी संख्या में अनधिकृत मोबाइल टावर खड़े होने का मामला विधानसभा में उठा। सरकार ने स्वीकार किया कि कई टावर बिना अनुमति लगे हैं।
- Written By: अपूर्वा नायक
अवैध मोबाइल टावर (सौ. सोशल मीडिया )
Nagpur Illegal Mobile Towers Issue: नागपुर में बड़ी संख्या में अनधिकृत मोबाइल टावर खड़े होने का मुद्दा विधानसभा में उठाया गया। भाजपा विधायक प्रवीण दटके ने शहर में मोबाइल टावरों से जुड़े नियमों के उल्लंघन और अनियमितताओं पर सरकार का ध्यान आकर्षित किया।
इस पर मंत्री उदय सामंत ने स्वीकार किया कि शहर में अनधिकृत टावर मौजूद हैं। उन्होंने बताया कि टावर स्थापना को लेकर राज्य की अलग नीति अभी तय नहीं है और फिलहाल केंद्र सरकार की नीति लागू की जा रही है। हालांकि, दटके की मांग के बाद राज्य सरकार 90 दिनों के भीतर मोबाइल टावरों से संबंधित स्पष्ट नीति तैयार करेगी। दटके ने कहा कि नागपुर शहर में मोबाइल टावरों की संख्या तेजी से बढ़ी है।
करोड़ों का राजस्व नुकसान
कई टावर बिना स्ट्रक्चरल स्थिरता की जांच के लगाए गए हैं, जिससे सुरक्षा को लेकर गंभीर खतरा पैदा हो सकता है। दटके ने यह भी आरोप लगाया कि सैकड़ों टावर बिना अनुमति के खड़े होने के कारण महानगरपालिका को शुल्क और कर के रूप में मिलने वाला करोड़ों रुपये का राजस्व नुकसान हो रहा है।
सम्बंधित ख़बरें
वेतन नहीं मिला तो थमा काम, 1200 सफाई कर्मियों की हड़ताल, नागपुर में कचरा संकट गहराया
नागपुर का अजनी क्षेत्र बना ‘ट्रैफिक का चक्रव्यूह’; चारों तरफ सड़कें बंद होने से बेहाल हुए वाहन चालक
नागपुर में कचरा संकट गहराया, कई इलाकों में बढ़ी नागरिकों की परेशानी; कांग्रेस ने प्रशासन को घेरा
नागपुर: मकान बिक्री और पेंशन के 23 लाख रूपए डकार गए जालसाज; फर्जी दस्तावेज थमाकर बुजुर्ग से बड़ी ठगी
ये भी पढ़ें :- ईरान-इजराइल युद्ध का असर, महाराष्ट्र में LPG सिलेंडर सप्लाई वाहनों को मिलेगी पुलिस सुरक्षा
आम नागरिकों से कर वसूली में सख्ती दिखाई जाती है, लेकिन बड़ी कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने से भ्रष्टाचार की आशंका भी पैदा होती है। उन्होंने सरकार से शहर के सभी मोबाइल टावरों का जोनवार सर्वेक्षण कराने, अवैध टावरों को हटाने, सभी अधिकृत टावरो की सूची सार्वजनिक पोर्टल पर उपलब्ध कराने और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर दंडात्मक कार्रवाई करने की मांग की।
