नवी मुंबई एजुसिटी प्रोजेक्ट अपडेट (प्रतीकात्मक तस्वीर) 
मुंबई

Nagpada Murder Case Solved: 27 साल पुरानी दुश्मनी में बुजुर्ग की हत्या, 4 दिन में आरोपी गिरफ्तार

Nagpada Murder Case Solved: मुंबई के नागपाड़ा हत्याकांड में बड़ा खुलासा हुआ है।78 वर्षीय बुजुर्ग की हत्या 27 साल पुरानी रंजिश के चलते की गई थी। क्राइम ब्रांच ने 4 दिन में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया।

अपूर्वा नायक

Nagpada Murder Case Solved: नागपाड़ा हत्याकांड की गुत्थी मुंबई क्राइम ब्रांच ने सुलझा ली है। दक्षिण मुंबई के नागपाड़ा इलाके में 20 अप्रैल को 78 वर्षीय बुजुर्ग मोहम्मद इकबाल सालिया की चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी।

तकनीकी निगरानी और मानवीय खुफिया जानकारी की मदद से क्राइम ब्रांच यूनिट-3 की टीम ने इस मामले के दो युवक आरोपियों को मात्र 4 दिन बाद नागपुर के बड़ा ताज बाग इलाके से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि यह हत्या 27 साल पुरानी रंजिश का बदला थी।

मुख्य आरोपी 29 वर्षीय युवक कुख्यात गैंगस्टर सादिक कालिया (1997 में एनकाउंटर में मारा गया) और आरिफ कालिया (2002 में एनकाउंटर में मारा गया) का भतीजा है। आरोपी को शक था कि बुजुर्ग मोहम्मद इकबाल कालिया ने ही सालों पहले पुलिस को उसके चाचाओं के बारे में मुखबिरी की थी। जिसके कारण दोनों गैंगस्टर पुलिस मुठभेड़ में मारे गए थे। इसी पुरानी दुश्मनी के चलते आरोपी ने अपने 25 वर्षीय साथी के साथ मिलकर इस सनसनीखेज हत्या की साजिश रची।

फोन बंद कर लगातार राज्य बदलते रहे

वारदात के बाद दोनों आरोपी अपने मोबाइल फोन बंद करके लगातार राज्य बदलते रहे, लेकिन क्राइम ब्रांच की टीम ने उनका पीछा करते हुए 24 अप्रैल को उन्हें नागपुर से दबोच लिया है। दोनों आरोपियों का कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है और यह उनकी पहली आपराधिक घटना बताई जा रही है।

कौन था सादिक कालिया ?

यह पूरी कार्रवाई मुंबई पुलिस आयुक्त देवेन भारती और संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) लखमी गौतम के मार्गदर्शन में, डीसीपी राज तिलक रोशन और क्राइम ब्रांच यूनिट-3 की टीम द्वारा अंजाम दी गई है। फिलहाल दोनों आरोपी पुलिस हिरासत में है और मामले की गहन जांच जारी है। पुलिस के अनुसार, सादिक कालिया का आपराधिक सफर 1990 के दशक में शुरू हुआ था। शुरुआत में वह कालाचौकी इलाके में फुटपाथ पर जूते बेचता था, लेकिन बाद में अंडरवर्ल्ड से जुड़ गया। बताया जाता है कि हफ्ता न देने के कारण उसे छोटा शकील के गिरोह में शामिल किया गया था और वह कई आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय रहा। नवंबर 1999 में एक बड़े हमले की साजिश के दौरान पुलिस ने उसे घेर लिया और मुठभेड़ में मार गिराया गया था।

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