मुंबई के वर्ली में गैस सिलेंडर की कालाबाजारी का भंडाफोड़, बड़ी मात्रा में सिलेंडर जब्त
Mumbai LPG Cylinder Black Market: मुंबई के वर्ली इलाके में राशन वितरण विभाग ने गैस सिलेंडर की कालाबाजारी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। घरेलू और व्यावसायिक सिलेंडर जब्त किए गए।
- Written By: अपूर्वा नायक
गैस सिलेंडर (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Mumbai LPG Cylinder Black Market: राशन डिस्ट्रीब्यूशन डिपार्टमेंट ने वर्ली इलाके में घरेलू और कमर्शियल गैस सिलेंडर की ब्लैक मार्केटिंग करने वाले एक गैंग पर्दाफाश करते हुए बड़ा स्टॉक जब्त किया है।
इस ऑपरेशन में पता चला कि सिलेंडरों को खतरनाक तरीके से रिहायशी इलाकों में स्टोर करके ब्लैक मार्केट में बेचा जा रहा था। कंट्रोलर राशन डिस्ट्रीब्यूशन ऑफिस की मोबाइल टीम और ऑफिस नंबर 21 के अधिकारियों ने मिलकर यह ऑपरेशन किया।
कालाबाजारी करने वालों पर नजर
ऐसी जानकारी मिली थी कि वीं नाका में गणपतराव कदम मार्ग पर ‘सूरज वल्लभदास चॉल’ इलाके में गैस सिलेंडर गैर-कानूनी तरीके से स्टोर करके ऊंचे दामों पर बेचे जा रहे है। टीम ने तुरंत रेड मारकर गैर-कानूनी तरीके से स्टोर किए गए सिलेंडर जब्त कर लिए।
सम्बंधित ख़बरें
राज्य में नकली दवा कंपनियों पर कसेगा शिकंजा, जांच के लिए राज्य सरकार ने बनाई विशेष समिति
MSRTC का फैसला; निर्धारित स्थानों पर नहीं रोकी बस तो कर्मचारियों की ही कटेगी जेब, वसूला जाएगा जुर्माना
लेफ्ट फ्रंट को हटा अपनी सरकार बनाना चाह रही है कांग्रेसः निरुपम ने कहा INDI गठबंधन के भीतर चल रहा है मतभेद
रक्षा मंत्री की पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी- ‘नापाक हरकतें नहीं रोकी तो दाना-पानी कर देंगे बंद’
इस ऑपरेशन में एचपी गैस कंपनी के छह भरे हुए और 58 खाली सिलेंडर मिले। साथ ही सुपर गैस कंपनी के 4 kg के 64 भरे हुए सिलेंडर और 12 kg के 19 भरे हुए सिलेंडर जब्त किए गए इसके अलावा, 12, चार और दो kg के अलग-अलग साइज के 25 खाली सिलेंडर भी मिले है।
ये भी पढ़ें :- मानसून से पहले मुंबई में नाला सफाई तेज, महापौर ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
प्रशासन ने साफ किया कि ऐसे रिहायशी इलाके में सिलेंडर रखना और उन्हें गैर-कानूनी तरीके से बेचना बहुत खतरनाक है और इससे लोगों की जान को बड़ा खतरा हो सकता है। यह कार्रवाई कंट्रोलर राशन डिस्ट्रीब्यूशन चंद्रकांत डांगे के गाइडेंस में की गई। उन्होंने कहा कि सिलेंडर की ब्लैक मार्केटिंग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। डिपार्टमेंट की टीमें 24 घंटे अलर्ट पर हैं।
