जल संकट का खतरा? मुंबई जलाशयों में पानी का स्तर गिरा, जानें आपके इलाके को पानी देने वाले बांधों का क्या है हाल

Mumbai Water Shortage 2026: मुंबई के जलाशयों में पानी का स्तर गिरकर 37% पहुंचा। गर्मी से बढ़ा वाष्पीकरण। बीएमसी ने पानी के किफायत से इस्तेमाल की अपील की। 2 महीनों में जल संकट पैदा होने की संभावना।
Mumbai Dam Levels April 2026
Mumbai Dam Levels April 2026 (फोटो क्रेडिट-X)
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Mumbai Water Shortage: मुंबई में समय से पहले शुरू हुई भीषण गर्मी ने महानगर की जल सुरक्षा पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। बढ़ते तापमान के कारण जलाशयों में वाष्पीकरण (Evaporation) की दर तेज हो गई है, जिससे पिछले महज 23 दिनों के भीतर मुंबई को पानी की आपूर्ति करने वाले सात प्रमुख बांधों में 10 प्रतिशत जल भंडारण की कमी आई है। वर्तमान में इन जलाशयों में कुल भंडारण क्षमता का केवल 37.70% पानी शेष बचा है, जबकि पिछले महीने यह आंकड़ा 47% के करीब था।

नगर निगम (BMC) के आंकड़ों के अनुसार, मुंबई को प्रतिदिन 3,950 मिलियन लीटर पानी की आपूर्ति मोदक सागर, तानसा, विहार, तुलसी, मध्य वैतरणा, ऊपरी वैतरणा और भाटसा बांधों से की जाती है। इस साल अप्रैल के पहले सप्ताह में इन सभी बांधों में कुल 5,45,680 मिलियन लीटर जल भंडार उपलब्ध है। हालांकि पिछले साल इसी अवधि में यह भंडार 33% था, लेकिन मानसून आने में अभी करीब दो महीने का समय शेष है, जिसे देखते हुए प्रशासन की चिंताएं बढ़ गई हैं।

बांधों के जलस्तर की वर्तमान स्थिति

4 अप्रैल 2026 तक प्रमुख जलाशयों में उपलब्ध जल भंडारण (मिलियन लीटर में) और उनका प्रतिशत कुछ इस प्रकार है:

जलाशय (Dam) उपलब्ध जल भंडार प्रतिशत (%)
विहार 16,065 58.00
तुलसी 3,514 43.67
ऊपरी वैतरणा 91,609 40.35
मध्य वैतरणा 77,334 39.96
भाटसा 2,66,234 37.13
मोदक सागर 44,539 34.55
तानसा 46,386 31.97
कुल 5,45,680 37.70

मेयर तावड़े की अपील: 'रेन वॉटर हार्वेस्टिंग' अपनाएं

बढ़ते जल संकट को देखते हुए मेयर तावड़े ने मुंबई की हाउसिंग सोसायटियों और नागरिकों से पानी का बेहद समझदारी से उपयोग करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि आवासीय समितियों को अपने परिसरों में स्थित कुओं और बोरवेलों की नियमित मरम्मत और सफाई करानी चाहिए। मेयर ने 'वर्षा जल संचयन' (Rain Water Harvesting) को दीर्घकालिक समाधान बताते हुए कहा कि भूजल स्तर को बनाए रखने के लिए हर सोसाइटी को यह प्रणाली लागू करनी चाहिए।

भीषण गर्मी और वाष्पीकरण की चुनौती

मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार, अगले डेढ़ से दो महीनों में लू (Heatwave) का प्रकोप और बढ़ सकता है। ऐसी स्थिति में जलाशयों से पानी का वाष्पीकरण और तेजी से होगा। बीएमसी प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल पानी की कटौती का कोई आधिकारिक निर्णय नहीं लिया गया है, लेकिन यदि नागरिकों ने पानी की बर्बादी नहीं रोकी, तो आने वाले दिनों में कठोर कदम उठाने पड़ सकते हैं। नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे पीने के पानी का उपयोग गाड़ियां धोने या बागवानी जैसे कार्यों के लिए न करें।

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